एक्सीडेंट पर सवा 9 अरब रुपए मुआवज़ा

ग्रैंड चेरोकी इमेज कॉपीरइट AP
Image caption (फ़ाइल फ़ोटो)

अमरीका की एक अदालत ने 2012 में हुए एक हादसे में पीड़ित परिवार को कुल 15 करोड़ डॉलर (क़रीब सवा नौ अरब रुपए) मुआवज़ा देने का आदेश दिया है. इस हादसे में चार साल के बच्चे रेमिंगटन वाल्डन की मौत हो गई थी.

घटना में शामिल ग्रैंड चिरोकी जीप बनाने वाली ऑटोमोबाइल कंपनी क्रायसलर को मुआवज़े की 99 प्रतिशत राशि (क़रीब नौ अरब रुपए) चुकाने होंगे.

वहीं घटना में शामिल ड्राइवर को कुल मुआवज़े की एक फ़ीसद रक़म पीड़ित परिवार को चुकानी होगी.

ट्रक से टक्कर

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption (फ़ाइल फ़ोटो)

हादसे के वक़्त रेमिंगटन क्रायसलर की ग्रैंड चिरोकी एसयूवी में सवार था, जिसे एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर के असर से एसयूवी के पिछले हिस्से में मौजूद फ़्यूल टैंक फट गया और इसमें आग लग गई.

साल 2013 में क्रायसलर ने 1993 से 1998 के बीच बनी ऐसी 15 लाख से ज़्यादा एसयूवी जीप वापस ले लीं थी, जिनके फ़्यूल टैंक पिछले हिस्से में थे.

रेमिंगटन जिस जीप में सवार थे वो 1999 में बनी थी. वो कंपनी की ओर से वापस ली गईं एसयूवी मॉडल में शामिल नहीं थी.

ज़्यूरी ने माना जवाबदेह

इमेज कॉपीरइट AP

मुक़दमे के दौरान क्रायसलर कंपनी ने अदालत में दावा किया कि जीप का 1999 मॉडल दोषपूर्ण और ख़तरनाक नहीं था. लेकिन, ज़्यूरी ने कंपनी को बच्चे की मौत के लिए जवाबदेह ठहराया.

ज़्यूरी ने अपने निर्णय में कहा कि कंपनी ने ग्राहकों को ये चेतावनी नहीं दी थी कि फ़्यूल टैंक की स्थिति आग के ख़तरे को बढ़ा सकती है.

पीड़ित परिवार का कहना था कि अगर कार का फ़्यूल टैंक जीप के अगले हिस्से में होता तो उनका बेटा ज़्यादा सुरक्षित होता.

(बीबीसी हिन्दी केएंड्रॉएड ऐपके लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार