पूर्वी यूक्रेन में छह जवानों की मौत

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यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में सेना के छह जवानों की मौत हो गई है.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इसमें से चार की मौत शाश्टे में रूस-समर्थित अलगाववादियों के उनके वाहन पर गोलियां चलाने से हुई. यह जगह अलगाववादियों के गढ़ लुगांक्स के पास है.

दो अन्य की मौत तब हुई जब उनका वाहन सरकार के कब्ज़े वाले तटीय शहर मैरियुपोल के नज़दीक एक एंटी टैंक माइन से टकरा गया.

पूर्वी यूक्रेन में फरवरी से युद्धविराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं.

'एंटी टैंक मिसाइल से हमला'

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Image caption विद्रोहियों ने दोनेत्स्क हवाई अड्डा पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है

यूक्रेन, रूस, जर्मनी और फ्रांस के नेताओं की सहमति से लागू युद्धविराम के उल्लंघन की छिटपुट कई घटनाएं हुई हैं.

आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जब यूक्रेनी सरकार के सैनिकों की टुकड़ी एक पुल के ऊपर से गुज़र रही थी तब उस पर हमला हुआ था. शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था अलगाववादियों ने "एंटी-टैंक मिसाइल दाग़ी थी."

सेना के अऩुसार मैरियुपोल के नज़दीक हुए विस्फ़ोट में दो सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीसरा घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया.

शनिवार को सरकार ने तीन सैनिकों की मौत की सूचना दी थी. इनकी मौत दोनेत्स्क के पास एक माइन के विस्फ़ोट से हुई थी. दोनेत्स्क अलगाववादियों का गढ़ माना जाता है.

'रूसी स्वयंसेवक'

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Image caption जर्मनी में नाटो से यूक्रेन में हस्तक्षेप न करने की अपील करते लोग

पूर्वी यूक्रेन में रूस-समर्थक अलगाववादियों और यूक्रेनी सरकार के बीच का साल भर से चल रही लड़ाई में अब तक क़रीब 6,000 लोग मारे जा चुके हैं.

यूक्रेनी सरकार, पश्चिमी नेता और नाटो का कहना है कि इस बात के प्रत्यक्ष सुबूत है कि रूस भारी हथियारों और सैनिकों के साथ विद्रोहियों को मदद कर रहा है.

स्वतंत्र विशेषज्ञों ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं.

मास्को ने हालांकि इसका खंडन किया है और कहा है कि विद्रोहियों के साथ काम कर रहे रूसी "स्वयंसेवक" हैं.

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