दोस्त को नौकरी न देने की वजहें

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जेसन राफ़टिस फ्लोरिडा में एक कार डीलरशिप में सेल्स मैनेजर थे, तब उन्होंने अपने विभाग में एक पुराने दोस्त को नौकरी देने का फैसला किया.

लेकिन उन्हें जल्दी ही अपनी ग़लती का एहसास हो गया. उनका दोस्त दूसरे कर्मचारियों की मौजूदगी में कॉलेज के दिनों की बातें शुरू कर देता, ये तो केवल शुरुआत थी.

राफ़टिस बताते हैं, "ये मेरे लिए बुरे सपने जैसा था. दोस्ती की वजह से अपनी मर्जी से काम पर आने जाने लगा था. उसने इतनी छूट ले ली थी, जो दूसरे कर्मचारी कभी नहीं ले सकते."

आख़िर में राफ़िटस ने अपने दोस्त को नौकरी से निकाल दिया. वे सलाह देते हैं, "अजनबी लोगों को मौका दीजिए. उन्हें संभालना आसान होता है और नौकरी से निकालना तो और भी आसान."

चाहे आप बॉस के तौर पर सोचें या फिर कर्मचारी के तौर पर, काम और दोस्ती को आपस में जोड़ने से नुकसान होने की आशंका है.

चाहे अपने दोस्त को नौकरी देने का फैसला हो या फिर दोस्त के यहां काम करने का फ़ैसला, आपको हर पहलू को आंकना चाहिए. बीबीसी कैपिटल में हर पखवाड़े आने वाले कॉलम करियर कोच ने इस मामले की पड़ताल की है.

क्या हैं ख़तरे?

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नौकरी देने के एक ग़लत फ़ैसले से आपकी साख़ को ख़तरा होगा और आपके फ़ैसले पर सवाल भी उठेंगे. दोस्ती तो ख़त्म हो जाएगी. इसके साथ ही, पर्सनाल्टी में बदलाव भी होता है, ज़रूरी नहीं कि बदलाव हमेशा अच्छे के लिए हो.

डैलस स्थित लीडरशिप कंसल्टेंसी द परफैक्ट फिट संस्थापक नैनसी कीन ईमेल के ज़रिए बताती हैं, "क्या होगा जब आपका दोस्त काफी प्रतिस्पर्धी हो और वो आपसे बेहतर करना चाहता हो तो मुश्किलें शुरू हो सकती हैं. हालांकि हर कोई वहां तक नहीं पहुंचता."

कीन के मुताबिक किसी दोस्त की मदद करने की चाहत आपको कई मुश्किलों में डाल सकती है. अगर आपको दोस्त की मदद करनी और मित्रता भी कायम रखनी हो तो उनका रिफरेंस आप अपने दफ़्तर के एचआर विभाग के पास भेजिए.

कंपनियां और नियुक्ति करने वाले अधिकारी अपने कर्मचारियों से कई बार अनुशंसाएं मांगते भी हैं.

अगर आपकी कंपनी बहुत बड़ी हो या फिर वो एक्जीक्यूटिव सर्च फर्म हो, तो आपकी अनुशंसा के बाद भी आपके दोस्त को उस तरह की प्रक्रिया से गुज़रना होगा जो दूसरे प्रत्याशियों के लिए होंगी.

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कीन कहती हैं, "अगर आपका दोस्त स्क्रीनिंग और इंटरव्यू के दौर में पास नहीं होता है, तो उसे नौकरी नहीं मिलेगी. आप ने अपने दोस्त की मदद की, लेकिन आप नियोक्ता नहीं हैं. ऐसे में अगर आपके दोस्त को नौकरी नहीं मिली तो वह आपसे नाराज़ नहीं होगा. अगर आपके दोस्त को नौकरी मिल गई और बाद में उसका प्रदर्शन ठीक नहीं रहता है, तो इसमें आपकी कोई ग़लती नहीं होगी."

हालांकि दोस्त को नौकरी देना हमेशा ख़राब अनुभव ही नहीं होता है. अगर आप पहले भी सहकर्मी रहे हों और बाद में अलग अलग कंपनी में काम करने के लगे हों और एक बार फिर साथ काम करने जा रहे हों, तो दोनों को काफी फ़ायदा होगा, क्योंकि आप एक दूसरे के कामकाजी व्यवहार को जानते हैं और ये दोनों के लिए बेहद पॉजिटिव चीज़ होगी.

नौकरी के बारे में जानें

फ़्रांस के लायरे वैली में स्थित पर्सनल एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट फर्म हॉर्स पॉवर के संस्थापक डॉ. लोरराइने टिलबरी ईमेल से कहती हैं, "अगर कोई दोस्त आपको नौकरी के लिए बुलाता है तो निश्चित तौर पर याद किए जाने और मदद के भाव के बारे में आप सोचते हैं."

इसके फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं. अगर कोई दोस्त आपको नियुक्त करता है तो आप इस अवसर को तटस्थत भाव से देखें.

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क्लिनिकल साइकोलाजिस्ट और द फ्रेंडशिप फिक्स की लेखिका डॉ. आंद्रेया बोनायर ने ईमेल पर बताती हैं, "आपको देखना चाहिए कि ये अच्छी नौकरी है या नहीं, आपका दोस्त वहां काम करता है, इसे भूलकर इस बारे में सोचें. हो सकता है कि आपका नज़रिया भेदभाव वाला हो, आप अपने दोस्त के साथ काम करना चाहते हों, ऐसी सूरत में आप नौकरी के बारे में तटस्थता से शायद नहीं सोच पाएं."

उदहारण के लिए आप अपने वेतन पैकेज, आने जाने की सुविधा, ग्रोथ के अवसर के अलावा ये भी देखें कि नौकरी कितनी चुनौतीपूर्ण है.

टिलबरी कहती हैं, "कई बार दोस्त आपकी मदद करने की कोशिश में ऐसे काम का ऑफ़र आपको दे सकता है जो आपके लिए फ़िट नहीं हो. इसलिए आप नौकरी को हर पहलू से परखें."

इसके अलावा इसका भी ख्याल रखें कि आप अपने दोस्त को कितना जानते हैं? आप कारोबार या कामकाज में उनपर भरोसा करते हैं या नहीं? अगर साथ काम नहीं कर पाए तो क्या होगा?

एक फ़ैसला, पर कई बार सोचें

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ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित वर्क-लाइफ़ बैलेंस कोच अनीता पिकरडेन कहती हैं, "अगर आप अपने दोस्त के साथ काम करना चाहते हैं तो ये सब सवाल आपको खुद से पूछना चाहिए."

अनीता के मुताबिक़, अगर आप दोस्त को बहुत अच्छे तरीके से जानते भी हों तो भी नौकरी के बारे में पूरी तरह पड़ताल कर लें.

अनीता कहती हैं, "आप अच्छे दोस्त भी हों तो भी बाद में ज़रूरत पड़ने पर आपको नौकरी के मूल प्रमाणपत्र चाहिए होंगे."

टिलबेरी के मुताबिक़, कुछ ना कुछ तो मुश्किल हो सकती है. वे कहती हैं, "आपकी कितनी मज़बूत दोस्ती क्यों ना हो, तब भी असहमतियां उत्पन्न होंगी, इसलिए पहले इस मुद्दे पर बात कर लेना चाहिए."

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अमरीका स्थित ग्लोबल ह्यूमन रिसोर्सेज कंसल्टिंग फर्म डेवलपमेंट डायमेंसन्स के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट रिच वेलिंस भी कुछ सवाल सुझाते हैं, जिन्हें दोस्त के यहां नौकरी करने के लिए हां कहने से पहले खुद से पूछने चाहिए. वे कहते हैं, क्या आप दफ्तर के अंदर पदानुक्रम को मानते हुए दफ्तर के बाहर बराबरी के संबंध को कायम रख पाएंगे? असहमत होते हुए भी बॉस का समर्थन करेंगे? क्या आप अपने लक्ष्य और उम्मीदों को समझते हैं?

वेलिंस कहते हैं, "आपके दोस्त-बॉस के साथ आपके रिश्ते से ज़्यादा महत्वपूर्ण आपकी नौकरी है. मैं कईयों को जानता हूं जो अपनी नौकरी को नापसंद करते हैं, लेकिन अपने बॉस को पसंद करते हैं. आप किसके लिए काम करते हैं, ये महत्वपूर्ण नहीं है. लोग अपने दोस्तों के लिए हर दिन काम करते हैं..ज़्यादातर मौकों पर चीज़ें सही ही रहती हैं. "

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)

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