तस्वीरों में देखिए सूर्य पर बदलता मौसम

इमेज कॉपीरइट NASA

हाल में उत्तर भारत में बेमौसम की बारिश हुई थी.

ऐसा केवल पृथ्वी के मौसम के साथ नहीं हो रहा है, बल्कि सूर्य के मौसम में भी अनियमित बदलाव देखने को मिल रहा है. एक नए शोध से इसका पता चलता है.

दरअसल सूर्य पर मौसम बदलने से सीधा तात्पर्य ये है कि सूर्य कभी बहुत ज़्यादा गर्म होता है और कभी कम गर्म.

सूर्य में मौसम का चक्र 11 साल का होता है, जिसमें कभी सूर्य ज़्यादा सक्रिय होता है और कभी कम सक्रिय रहता है. जब सूर्य ज़्यादा सक्रिय होता है तब अंतरिक्ष में वो कहीं ज़्यादा विस्फोट से आवेशित कण छोड़ता है.

सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा काफी ज़्यादा होती है और आसमान में काफी रोशनी दिखती है.

(देखिए- अंतरिक्ष में हरे रंग की झांकी)

सूर्य का एक मौसम चक्र का समय पृथ्वी के एक साल जितना लंबा होता है.

चुंबकीय क्षेत्र का दायरा

इमेज कॉपीरइट nasa

दरअसल सूर्य बहुत ज़्यादा गर्म गैस से भरा भारीभरकम गोला है, जो विद्युतीय तौर पर आवेशित भी होता है. ये गैस सूर्य के अंदर तेज गति से घूमती है जबकि सूर्य अपनी नियत गति से घूमता रहता है. इससे जाहिर है सूर्य का अपना चुंबकीय क्षेत्र भी है.

ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन की लुइज़़ हारा बताती हैं, "अगर आप आवेशित कण को घुमाते हैं तो चुंबकीय क्षेत्र पैदा होता है. ये सूर्य के अंदर होता है." लुइज़ हारा मौजूदा अध्ययन दल में शामिल नहीं थीं.

(देखिए- दहकते हुए 14 ज्वालामुखी से बने लैंडस्केप)

सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र अपनी सक्रियता के आधार पर कई बैंड में बंटा होता है, ख़ासकर सूर्य के उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिण गोलार्द्ध पर ऐसा होता रहता है.

इमेज कॉपीरइट nasa

गोलार्द्धों के चुंबकीय क्षेत्र के अलग अलग बैंड जब आपस में टकराते हैं तो सूर्य का मौसल बदलता है.

मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी से जुड़े और नई रिपोर्ट के सह लेखक रॉबर्ट लीमन कहते हैं, "सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र की सक्रियता वाले बैंड बहुत धीरे धीरे घूमते हैं."

सूर्य की सतह पर अस्थिरता

लीमन आगे कहते हैं, "कई बार चुंबकीय क्षेत्र एक बैंड से दूसरे बैंड में लीक हो जाते हैं. ऐसे में दो मैग्नेटिक फ़ील्ड एक दूसरे को ओवरलैप भी कर लेते हैं और सतह से बाहर की ओर निकलते हैं."

(देखिए- स्तब्ध करने वाले नॉर्वे के 12 नज़ारे)

इस रिपोर्ट के प्रमुख लेखक और कोलोराडो स्थित नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फ़ेरिक रिसर्च के स्कॉट मैकिंटॉश कहते हैं कि ये चुंबकीय बैंड जेट स्ट्रीम की तरह अस्थिर होते हैं.

इमेज कॉपीरइट nasa

मैकिंटॉश कहते हैं, "जब वे अस्थिर हो कर सतह की ओर आते हैं सतह को और भी अस्थिर बना देते हैं. ये अस्थिरता कई महीनों तक चलती है."

बहरहाल नए अध्ययनों से सूर्य के बदलते मौसम के बारे में पूर्वानुमान लगाने में ज़्यादा मदद मिलेगी.

क्या होगा फ़ायदा?

इससे सौरमंडलीय तूफ़ानों के बारे में आकलन लगाने में मदद मिलेगी. इससे सैटेलाइट और रेडियो कम्यूनिकेशन की स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी.

(देखिए- अंटार्कटिका के ख़ूबसूरत नज़ारे)

हारा कहती हैं, "हमारे तारे किस तरह से व्यवहार करते हैं, इसका ये एक और उदाहरण है."

हारा के मुताबिक सूर्य के व्यवहार के आधार पर दूसरे तारों के बारे में पता लगाने में मदद मिलेगी.

इमेज कॉपीरइट nasa

नया अध्ययन नेचर कम्यूनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी अर्थ पर उपलब्ध है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार