हूती विद्रोहियों पर सुरक्षा परिषद की पाबंदी

यमन हूथी इमेज कॉपीरइट AFP

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यमन में हूती विद्रोहियों और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्लाह सालेह के समर्थक सैनिकों के हथियारों की ख़रीद-फ़रोख़्त पर प्रतिबंध लगा दिया है.

सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में विद्रोहियों को उन क्षेत्रों से हट जाने को कहा गया है जिन पर उन्होंने कब्ज़ा किया है.

इसके साथ ही हूती नेता और सालेह के पुत्र की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने और उनकी संपत्तियां ज़ब्त करने की भी बात है.

विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना से सरकार को खदेड़ दिया है जो अब देश के दक्षिणी हिस्से पर कब्ज़ा बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है. कबायली समूह और अल क़ायदा भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं.

'मानवाधिकार हनन'

इमेज कॉपीरइट Reuters

इस बीच सऊदी अरब ने ईरान के उस शांति प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है जिसमें हूतियों के समर्थन की बात थी. ईरान का कहना है कि वह यह प्रस्ताव बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में पेश करेगा.

उधर संयुक्त राष्ट्र ने यमन में नागरिकों के मारे जाने की जांच की मांग की है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त राअद अल हसन ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों और स्कूलों पर अंधाधुंध हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं.

इमेज कॉपीरइट EPA

यमन के अस्पतालों द्वारा संयुक्त राष्ट्र को दिए गए आंकड़ों के अऩुसार जबसे सऊदी अरब के नेतृत्व में हवाई हमले शुरू किए गए हैं तबसे 700 लोग मारे गए हैं और करीब 3,000 घायल हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)