हमें टॉप 10, 9 नुस्ख़े क्यों भाते हैं?

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इंटरनेट पर हर दिन सूचनाओं की बाढ़ में आपने देखा होगा कि कई जानकारी इस तरह से होती है..इसके बारे में 5 बातें जाने, 7 अनसुनी बातें, 10 ख़ास बातें, 9 नुस्ख़े इत्यादि.

इंटरनेट पर ऐसी लिस्ट वाली सूचनाएं लोगों को ख़ूब पसंद आती हैं. लेकिन ऐसा होता क्यों है, ये कभी आपने सोचा है.

हम आपको ऐसी 9 बातें बताते हैं जिसके चलते इंटरनेट पर लिस्ट वाली सूचनाएं ज़्यादा पसंद की जाती हैं.

1. आपको ये मालूम होता है कि क्या मिलेगा

चाहे वो आपके शरीर के बारे में दस बातें हों या फिर सर्वकालिक 100 महान गिटार वादकों की सूची, इस तरह के फॉरमेट में ख़ूब सूचनाएं देखने को मिलती हैं. इसमें एक के बाद दूसरे नंबर पर क्या है, ये जानना चाहते हैं. मनोवैज्ञानिक तौर पर ये देखा गया है कि इस तरह की सूचनाएं लोगों को आसानी से और जल्दी समझ में आ जाती हैं.

2. आप ऐसी सूची छोड़ना नहीं चाहते

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दरअसल इस तरह की सूची वाली जानकारी पर क्लिक करने से आप खुद को रोक नहीं पाते. आपको ऐसा लगता है कि इससे आपको संबंधित विषय के बारे में जानकारी मिल जाएगी. आपको ऐसा महसूस होता है कि अगर इस पर क्लिक नहीं किया तो कुछ जानकारी हासिल करना छूट जाएगा, जो आसानी से आपको मिल रहा है. डेनियल काहनेमन और दूसरे मनोचिकित्सकों के मुताबिक हम वैसी कोई चीज गंवाना नहीं चाहते, जो हमारे पास हो.

3. लिस्ट के चलते दिमाग ज़्यादा नहीं भटकता

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ऑनलाइन रीडिंग एक तरह से मल्टी टास्किंग जॉब है. पढ़ने के दौरान हमारा दिमाग ये भी सोचता रहता है कि हमें लिंक पर क्लिक करना है या नहीं, कब माउस नीचे करना है, इन सबके बीच में पॉप अप भी आता रहता है. न्यूयार्कर के अल्बेनी स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक इन सबसे दिमाग भटकता रहता है. लेकिन लिस्ट पढ़ने के दौरान ऐसा कम होता है.

4. दूसरी चीज़ों को पढ़ने के लिए समय नहीं है

हम लोग इन दिनों हमेशा व्यस्त होते हैं. लेकिन अगर हम पिछले कई दशकों के सर्वे को देखें तो मालूम होता है कि ये पूरी तरह सही नहीं है. पहले भी लोग समय कम होने की शिकायत करते रहे थे. अमरीका में पिछले 50 साल के दौरान पांच अलग अलग पैमानों पर ये देखा गया कि औसत अमरीकी आदमी के पास प्रति सप्ताह छह से नौ घंटे ज़्यादा का वक्त होता है. लेकिन सूचनाएं इस रफ़्तार से आ रही हैं कि लोगों के पास सारी सूचनाओं को देखने के लिए वक्त नहीं होता. ऐसे में सूची वाली चीजों को लोग पढ़ने को तरजीह देते हैं.

5. आसानी से सूचनाएं मिलती हैं

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इस तरह की सूची में ज़्यादा से ज़्यादा तथ्यों का पता चलता है. कई बार ऐसी लिस्ट से व्यवहारिक सलाहें भी मिलती हैं. इसके बावजूद इनकी सीमाएं भी हैं. अगर सूची का एक प्वाइंट दूसरी प्वाइंट से कनेक्टेड हो तो लोगों की पढ़ने में दिलचस्पी कम होती है. ऐसे में शोधकर्ताओं के मुताबिक एक सूची में कई हेडलाइन का होना फ़ायदेमंद होता है. वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक एक सूची में कई हेडलाइन होने से चीजों को समझना आसान होता है. किसी ऑनलाइन आर्टिकल के लिए प्रत्येक 200 शब्दों पर एक हेडलाइन होना बेहतर होगा.

6. ये भी मालूम होता कि अब कितना बाकी है

ऑनलाइन सूची पढ़ते वक्त आपको ये मालूम रहता है कि आपने कितना पढ़ लिया है और कितना बाकी रह गया है. हालांकि ऑनलाइन सूची में कई बार ज़्यादा हेडलाइन की सूची ही ज़्यादा होती है. कई बार डिटेल की जानकारी ज़्यादा होती है लेकिन आपको ये मालूम होता है कि आपने कहां तक पढ़ लिया है, बाद में अपनी सुविधा से आप वहां से आगे पढ़ सकते हैं.

7. लिस्ट में क्या है ये जानने की उत्सुकता

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जब भी हम कोई सूची देखते हैं तो खुद से अनुमान लगाने लगते हैं कि इस सूची में क्या क्या है. यह एक तरह से फ़न बन जाता है. 80 और 90 के दशक की 10 स्वादिष्ट मिठाईयों के नाम आपको ध्यान में है? लोग सूची के साथ ये भी देखने की कोशिश करते हैं कि सूची में उनके कितने अनुमान शामिल हैं. न्यूरोसाइंटिफिक अध्ययन बताते हैं कि किसी सूची में हमारे अनुमान के 50 फ़ीसदी तथ्य भी मेल खाते हैं तो दिमाग उससे प्रसन्न होता है.

8. खुद का सही होना पसंद

मान लीजिए कोई सूची है 80 के दशक की 10 बेहतरीन फ़िल्मों की और आप ज़रूर देखना चाहेंगे कि आपकी पसंद की कितनी फ़िल्में उस सूची में हैं. जब आप उस सूची में अपनी पसंद की ज़्यादा से ज़्यादा फिल्में देखते हैं तो आप अच्छा महसूस करते हैं और आप इसे पसंद भी करते हैं.

9. लिस्ट से पूर्णता का बोध

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कोई भी सूचना जब लिस्ट के जरिए दी जाती है तो ये माना जाता है कि इस विषय पर इतनी सूचनाएं अहम थीं. अनिश्चितता कम होती है और आपको भरोसे लायक निश्चित जानकारी मिलती है. अनिश्चित दुनिया में यह भाव भी अहम रोल अदा करता है. कई दशक के मनोचिकित्सीय शोध बताते हैं कि हम मानसिक तौर पर निश्चित जानकारी पसंद करते हैं.

वैसे ये केवल पाठकों के साथ नहीं होता है बल्कि पत्रकारों को भी सूची बनाने में आनंद होता है. दरअसल चीजों को एक लय में लिखने से सूची का फॉरमेट तैयार करना हमेशा आसान होता है. इसके अलावा उन्हें अपनी कहानी को खत्म करने के लिए अलग से कुछ सोचना नहीं होता है, लिस्ट अपने आप ख़त्म हो जाती है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.

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