अनजाने में मारे गए बंधक: व्हाइट हाउस

वाइट हाउस

व्हाइट हाउस ने कहा है जनवरी में अमरीका के आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अनजाने में दो बंधक मारे गए जिन्हें अल कायदा ने कैद में रखा था.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमाई इलाके में अमरीकी छापों के दौरान एक अमरीकी बंधक, वारेन वाइन्सटीन और एक इतालवी बंधक, जायवानी लो पोर्तो की मौत हो गई.

राष्ट्रपति ओबामा ने इस घटना को कष्टदायी क्षति बताया और इस पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

इनके साथ दो और अमरीकी भी मारे गए जो, समझा जा रहा है,अल क़ायदा के ही सदस्य थे.

वाइट हाउस के मुताबिक, "इस अभियान में अल क़ायदा नेता अहमद फ़ारूक़ भी मारे गए. एक अन्य छापे में, किसी समय चरमपंथी संगठन के प्रवक्ता माने जाने वाले, एडम गदान भी मारे गए."

अज्ञात अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि बंधक सीआईए के एक ड्रोन हमले में मारे गए.

कौन थे बंधक

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Image caption वारेन वाइंस्टीन

अमरीकी बंधक, 72 वर्षीय वारेन वाइन्सटीन, पाकिस्तान में आर्थिक विकास सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे. वे पाकिस्तान में सात सालों से रह रहे थे. 2011 में लाहौर में उनके घर से उनका अपहरण किया गया था.

इतालवी बंधक, जायवानी लो पोर्तो का अपहरण जनवरी 2012 में पाकिस्तान के मुल्तान से किया गया था. वे एक अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी, वेल्टहुंगरहिल्फे के लिए काम करते थे.

कार्रवाई प्रोटोकोल के अनुकूल

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इस सैन्य कार्रवाई पर बात करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि अमरीका ने वो हमला ये मान कर किया था कि अल कायदा के उस अड्डे पर कोई नागरिक मौजूद नहीं था.

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "उस वक्त मिली ख़ुफिया जानकारी और उस इलाके की घंटों निगरानी के आधार पर हम इस नतीजे पर पहुंचे थे कि वह अल कायदा का अहाता है और उसमें कोई आम नागरिक मौजूद नहीं है. दुखद ये है कि हमें ये पता नहीं चल पाया कि उसी जगह पर अल कायदा ने वारेन और जायवानी को भी रखा हुआ था."

अमरीका सेना के कमांडर इन चीफ होने के नाते उन्होंने इस कार्रवाई की पूरी ज़िम्मेदारी ली.

बंधकों के परिवार को मुआवज़ा

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Image caption वारेन वाइंस्टीन अपने परिवार के साथ

व्हाइट हाउस ने कहा है कि बंधकों के परिवारों को मुआवज़ा दिया जाएगा.

वाइन्सटीन की पत्नी एलेन ने एक वक्तव्य में कहा कि उनका परिवार इस खबर से टूट गया है.

उन्होंने अमरीकी कांग्रेस के कई सदस्यों और एफबीआई अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अमरीकी सरकार के अन्य तत्वों से मिलने वाली मदद नाकाफी और निराशाजनक थी.

एलेन वाइन्सटीन ने पाकिस्तानी सरकार और सेना की भी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने उनके पति के अपहरण को प्राथमिकता देने की बजाए उसे एक मुसीबत की तरह देखा.

जायवानी लो पोर्तो जिस संस्था, वेल्टहुंगरहिल्फे के लिए काम कर रहे थे, उसकी प्रवक्ता, सिमोन पॉट ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया.

कार्रवाई की समीक्षा

वाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस कार्रवाई की एक स्वतंत्र समीक्षा में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के प्रोटोकोल में संभावित बदलावों पर भी विचार किया जाएगा.

उन्होंने कहा," हमारे पास राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पेशेवर लोग हैं जिन्होंने इन प्रोटोकोल्स का कुशलतापूर्वक पालन किया लेकिन फिर भी अनजाने में ये दुखद हादसा हो गया. इसीलिए राष्ट्रपति ने अपनी टीम को निर्देश दिए है कि वे इस कार्रवाई की समीक्षा करें और देखें कि इससे क्या सबक मिलता है."

राष्ट्रपति ओबामा ने माना कि ये अप्रत्यक्ष युद्ध का कड़ुवा सत्य है कि गलतियां हो जाती हैं लेकिन अमरीका इस मामले में सबसे अलग है कि वह अपनी गलतियों की ज़िम्मेदारी स्वीकारता है.

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