सज़ायाफ़्ता माँ की सांसद बेटी

ब्रिटेन की ब्रैडफ़र्ड वेस्ट सीट पर लेबर पार्टी की नसीम शाह ने रेस्पेक्ट पार्टी के जॉर्ज गैलोवे को 11,000 से ज़्यादा वोटों से हरा दिया है.

पाकिस्तानी मूल की नसीम शाह को नाज़ शाह के नाम से भी जाना जाता है.

उन्होंने हाल ही में ब्रैडफ़र्ड के 'अर्बन इको' अख़बार को दिए गए साझात्कार में अपने जीवन के कुछ पहलुओं को साझा किया था.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर दिए गए इस साझात्कार में उन्होंने अपने बचपन, संघर्षों के बारे में बात की थी.

जीवन

उन्होंने बताया कि उनकी मां को अपने 'अत्याचारी पति' की हत्या के कारण जेल की सज़ा हुई थी और कैसे पाकिस्तान में उनकी 15 साल की उम्र में जबरन शादी कर दी गई थी.

वे उन दिनों को याद करते हुए बताती है जब वे पहली बार अपनी मां को न्यूहॉल जेल में मिलने गईं थीं, तो वे ऐसा महसूस कर रही थी कि जैसे पहली बार रोते हुए बच्चे को नर्सरी छोड़कर आई हैं.

नाज़ बताती हैं, "उस समय मैं अपनी मां की मां बन गई थी. हमने अपना घर, सबकुछ खो दिया था."

लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली महिलाओं के साथ मिलकर अपनी मां की सज़ा 20 से 12 साल कम कराने में कामयाब रही.

फिर भी उनकी मां ने 14 साल जेल में काटे.

प्रेरणा

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उनकी मां के साथ जो कुछ हुआ उसने जीवन के प्रति नाज़ का नज़रिया पूरी तरह से बदल दिया.

वो बताती हैं, "अपने संघर्ष के दौरान मैंने शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों की देखभाल की, मैं अक्षम महिलाओं की वकील बनी और उनकी देखभाल की. लेकिन फिर में एनएचएस में शामिल हो गई. अपने करियर के साथ साथ मैं महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा का मुद्दा भी उठाती हूं."

वो कहती हैं, "जब मुझे संसदीय सीट के लिए उम्मीदवार चुना गया तो मुझे याद है कि कैसे मैं और मेरी मां एक साथ रोए थे. हम साथ मिलकर रोए यह जानते हुए भी कि मेरा वर्तमान और अतीत दोनों ही मेरी माँ का सपना है और मेरी प्रेरणा."

"मेरा भविष्य अब वो सपने हैं जो मैंने अपनी बेटी के लिए संजोए हैं. मेरी बेटी अब मेरी प्रेरणा है, उस दुनिया और समाज में बदलाव और लाने की, जहाँ वो बड़ी हो रही है."

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