स्कूल के साथ-साथ ध्वस्त होगा 'एक इतिहास' भी

दरबार हाईस्कूल

नेपाल के हालिया भूकंप में कई प्राचीन मंदिर और कुछ ऐतिहासिक इमारतें भी तबाह हो गई हैं.

इनमें से एक काठमांडू के रानीपोखरी इलाक़े में स्थित दरबार हाई स्कूल भी है.

वर्ष 1854 में निर्मित ये स्कूल पूरे नेपाल की शान समझा जाता था, क्योंकि इसने देश को अनेकों सेनाध्यक्ष और मंत्री दिए हैं.

इमारत को देखने पर दिल्ली के कनॉट प्लेस, कोलकाता की राइटर्स बिल्डिंग और लखनऊ की रेसीडेंसी की याद ज़हन में दौड़ जाती है.

सभी इमारतें उसी काल में बनी थीं, लेकिन सिर्फ़ दरबार हाई स्कूल की बदकिस्मती रही है भूकंप की भेंट चढ़ना.

स्कूल के करीब 500 विद्यार्थियों का भविष्य अब अधर में लटका है, क्योंकि इमारत को पूरी तरह से गिराना पड़ेगा.

इमारत असुरक्षित घोषित

स्कूल के प्रिंसिपल बद्रीप्रसाद दाहाल ने बीबीसी हिंदी को बताया कि गनीमत रही कि भूकंप शनिवार को आया.

उन्होंने कहा, "इमारत के दो हिस्से पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं और लगभग हर बची हुई दीवार में दरार पड़ चुकी है. इमारत के बाहरी हिस्से गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई थी. हम लोगों ने यही फ़ैसला लिया है कि इसी तरह की नई इमारत खड़ी करनी पड़ेगी."

Image caption दरबार स्कूल की क्षतिग्रस्त इमारत

हम लोग जब स्कूल प्रांगण में थे, एक अमरीकी दल इमारत का निरीक्षण कर रहा था और उनके अनुसार, पूरी बिल्डिंग असुरक्षित घोषित की जा चुकी है.

एक अनुमान के मुताबिक़, नेपाल में भूकंप से लगभग 5,000 स्कूल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं.

नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप में 7,500 से ज़्यादा लोगों की मौतें हुईं हैं.

क़रीब 1200 मौतें अकेले काठमांडू ज़िले में ही हुई हैं.

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