क़तर: बीबीसी टीम गिरफ़्तारी के बाद रिहा

मार्क लोबेल

क़तर में वर्ष 2022 में होने वाले फुटबॉल विश्व कप के निर्माण कार्यों पर आधिकारिक रूप से रिपोर्टिंग कर रही बीबीसी की टीम को गिरफ़्तार करने के बाद रिहा कर दिया गया है. चार सदस्यों की इस टीम को प्रधानमंत्री कार्यालय ने ही बुलाया था.

बीबीसी के मध्यपूर्व संवाददाता मार्क लोबेल का कहना है कि रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने उन्हें रोका और उनके साथ जासूसों जैसा बर्ताव किया गया. इस दौरान उनके उपकरण भी ज़ब्त कर लिए गए.

सरकार का रुख़

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क़तर सरकार ने कहा कि उन्होंने कई पत्रकारों को श्रमिकों के आवासों पर रिपोर्टिंग के लिए बुलाया था.

सरकार के अनुसार, ''हमने रिपोर्टरों को आज़ादी दी थी कि वो जिसका चाहे साक्षात्कार कर सकते हैं. लेकिन हमें लगता है कि बीबीसी को हम पर विश्वास नहीं था.''

बयान में आगे कहा गया, ''बीबीसी टीम के सदस्य अपनी मनमर्ज़ी से साइट विज़िट करने लगे. इस दौरान वो कई निजी जगहों पर भी गए जो अन्य देशों की तरह क़तर में भी गैरकानूनी है.''

गिरफ़्तारी की निंदा

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इस पूरे मामले पर बीबीसी का कहना है, ''हमें इस बात की ख़ुशी है कि बीबीसी के दल को रिहा कर दिया गया, लेकिन हम इस बात की निंदा करते हैं कि उन्हें हिरासत में लिया गया.''

बीबीसी ने आगे कहा, ''क़तर में उनकी मौजूदगी कोई रहस्य नहीं था और वे वहां पत्रकारिता करने गए थे. क़तर में अधिकारियों ने जो तर्क दिए, दल ने उनका खंडन किया. हमें प्रसन्नता है कि अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया और दल के उपकरण वापस कर दिए.''

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