नर्स पर मरीज़ों की हत्या के आरोप साबित

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

ब्रिटेन में एक पुरुष नर्स को दो मरीज़ों की हत्या करने और 20 अन्य को ज़हर देकर नुक़सान पहुंचाने का दोषी पाया गया है.

फिलीपीनी नागरिक विक्टोरीनो छुआ ने स्टॉकपोर्ट में 44 वर्षीय ट्रेसी आर्डन और 83 वर्षीय डेरेक वेवर को इंसुलिन का इंजेक्शन देकर मार दिया.

छुआ ने सैलीन बैग्स और इंजेक्शन की बोलतों में इंसुलिन डाल दी जिनका इस्तेमाल अस्पताल के दूसरे नर्सों ने अनजाने में अन्य मरीज़ों पर किया.

जिन लोगों को ये दवाएं दी गईं, उनमें ज़्यादातर उम्र दराज लोग थे. 49 वर्षीय छुआ को हत्या के तीसरे आरोपों से बरी कर दिया गया. इस मामले में मरीज़ के दिमाग में गंभीर चोटें आई हैं.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption छुआ को ट्रेसी आर्डन और डेरेक वेवर की हत्या का दोषी क़रार दिया गया है

छुआ को मंगलवार को सज़ा सुनाई जाएगी, जब अदालत में उन्हें दोषी करार दिया गया तो उनके चेहरे पर किसी तरह के भाव नहीं थे.

'मेरे अंदर शैतान है'

मरीज़ों को ज़हर देने की ये घटना जून 2011 से जनवरी 2012 के बीच अस्पताल के दो वार्डों में हुई जहां आम तौर पर बूढ़े लोगों का इलाज होता है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

पुलिस को छुआ के घर से उनका लिखा एक पत्र भी मिला है जिसमें वो कहते हैं कि वो 'एक देवदूत से एक शैतान इंसान में तब्दील हो गए हैं' और उनके अंदर 'एक शैतान आ गया है'.

अभियोजकों का कहना है कि छुआ अपनी हताशा को अपने मरीज़ों पर निकाल रहे थे और इस हताशा की वजह 'सिर्फ वही जान सकते हैं'.

पुलिस और अभियोजक अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या छुआ ब्रिटेन में नर्स के तौर पर काम करने की योग्यता रखते भी थे या नहीं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)