गिलानी को पासपोर्ट नहीं, ग़ुस्से में पाकिस्तान

इमेज कॉपीरइट PTI

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को पासपोर्ट का आवेदन ख़ारिज़ करने के भारत सरकार के फ़ैसले पर पाकिस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है.

पाकिस्तान सरकार इस ‘दुखद’ घटना पर 'चिंतित' है और गिलानी को 'हरसंभव मदद' देने की पेशकश की है.

पाकिस्तान सरकार का ये बयान 20 मई को सरकारी पाकिस्तान रेडियो की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट का हिस्सा है.

गिलानी अपनी बीमार बेटी से मिलने के लिए सऊदी अरब जाना चाहते हैं.

लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़ गिलानी का पासपोर्ट आवेदन इसलिए आगे नहीं बढ़ सकता क्योंकि उन्होंने फोटोग्राफ्स नहीं दिए हैं, न ही आवेदन की फीस दी है और उनके 'बायोमिट्रिक डिटेल' भी नहीं हैं.

जानबूझकर टालमटोल

उर्दू समाचार चैनल एआरवाई टीवी ने उसी दिन इसे भारत में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के ज़रिए 'जानबूझकर टालमटोल करने का मामला' बताया है ताकि गिलानी को विदेश यात्रा से रोका जा सके.

इमेज कॉपीरइट AFP GETTY

मशहूर उर्दू चैनल जियो टीवी ने गिलानी का फ़ुटेज दिखाया और इस दौरान एंकर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पासपोर्ट हासिल करने के लिए 'गिलानी को ख़ुद को भारतीय स्वीकार करना होगा'.

पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी ने फ़ैसले की निंदा की है और भारतीय अधिकारियों को ‘क़ब्ज़ा करने वाले लोग‘ बताया है.

22 मई को समाचार एजेंसी की एक ख़बर में बताया गया कि वरिष्ठ अलगाववादी नेता घर में नज़रबंद हैं ताकि कश्मीर में भारत विरोधी प्रदर्शन न हों.

समाचार एजेंसी एपीपी ने कहा है कि बहुत सारे दूसरे कार्यकर्ताओं को भी तंग किया गया है.

साम्राज्यवादी रवैया

ट्विटर पर भी गिलानी को बहुत समर्थन हासिल हुआ है.

उर्दू समाचार टीवी चैनल के जाने माने पत्रकार नदीम मलिक ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान सैयद अली शाह गिलानी के समर्थन में है जो यात्रा पर लगे प्रतिबंधों की वजह से बीमार बेटी को देखने सऊदी अरब नहीं जा पा रहे हैं."

इमेज कॉपीरइट AP

उनके ट्वीट के जवाब में बहुत सारे लोगों ने गिलानी वाली घटना को ‘निर्मम भारतीय कार्रवाई’ बताया है. लोगों ने भारत के रवैए को उसी तरह का बताया जो ब्रितानी साम्राज्यवादियों का हुआ करता था.

इमरान ख़ान की तहरीके इंसाफ़ पाटी की प्रवक्ता शरीन मज़ारी के संदेश में ‘कब्ज़ा करने वाली भारतीय सरकार’ के इस क़दम को ‘शर्मनाक’ बताया.

(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार