आईएस से छूटे तो 'पानी की कमी से मरे'

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इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले शहर रमादी से भागे हज़ारों लोगों को राजधानी बग़दाद में घुसने से पहले एक पुल पर रोक दिया है.

इराक में संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता अभियान के सहायक संयोजक डोमेनिक बार्च ने बीबीसी को बताया कि इन लोगों में महिलाएं, बूढ़े, बच्चे और बीमार शामिल हैं.

इराक़ी अधिकारियों ने उस पुल को बंद कर दिया है जिसके ज़रिए लोग रमादी शहर से भाग कर राजधानी बग़दाद में आ रहे हैं.

डोमेनिक बार्च ने बताया कि ऐसी भी रिपोर्टें है कि पुल पर फंसे लोगों के कुछ बच्चे शरीर में पानी की कमी के चलते मारे गए हैं.

'बग़दाद में घुसपैठ की चिंता'

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ये अभी साफ़ नहीं है कि ब्लेज़िज़ पुल को क्यों बंद किया गया है, हालांकि इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि बेघर हुए लोगों के बीच आईएस के चरमपंथी भी बग़दाद में घुसपैठ कर सकते हैं.

इस हफ़्ते रमादी पर इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों का क़ब्ज़ा होने के बाद से 40 हज़ार से ज़्यादा लोग शहर को छोड़ चुके हैं.

ब्लेज़िज़ पुल अनबार प्रांत से बग़दाद में आने का एक सुरक्षित रास्ता माना जाता है.

'विश्व समुदाय क़दम उठाए'

उधर इराक के उप प्रधानमंत्री सालेह अल-मुल्ताक़ ने चेतावनी दी कि इस्लामिक स्टेट अब कोई स्थानीय मामला नहीं, और इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कदम उठाने को कहा.

सीरिया और इराक़ के एक बड़े हिस्से पर इस्लामिक स्टेट का नियंत्रण है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया के पल्माइरा और इराक में रमादी जैसे शहरों पर उसका नियंत्रण हो जाने को 'अमरीका के लिए झटका' बताया है.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि वो अनबार प्रांत में खाद्य सामग्री भेजेगा.

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