बांग्लादेशः चरमपंथी गुट 'एबीटी' पर प्रतिबंध

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Image caption ब्लॉगरों की हत्या के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन.

बांग्लादेश ने धर्मनिरपेक्ष ब्लॉग लिखने वालों पर हमले के आरोप में एक इस्लामी चरमपंथी समूह पर प्रतिबंध लगा दिया है.

गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पुलिस के अनुरोध पर 'अंसा-रुल्लाह बांग्ला टीम' यानि एबीटी को प्रतिबंधित कर दिया गया है.

बांग्लादेश में इस साल अब तक तीन ब्लॉगरों की हत्या हो चुकी है. इन हत्याओं के पीछे 'अंसा-रुल्लाह बांग्ला टीम' का हाथ माना जाता है.

एबीटी ऐसा छठा इस्लामिक चरमपंथी संगठन होगा जिस पर पाबंदी लगाई गई है.

जानलेवा हमले

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Image caption बांग्लादेशी मूल के अमरीकी ब्लॉगर अविजित रॉय

बांग्ला देश में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों पर जानलेवा हमले बढ़ते ही जा रहे हैं.

कुछ साल पहले कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इस्लाम के ख़िलाफ़ लिखने वाले ब्लॉगरों पर लगाम लगाने के लिए ईश-निंदा कानून की मांग की थी.

सबसे पहले फरवरी में जिस ब्लॉगर की मौत हुई वो बांग्लादेशी मूल के अमरीकी नागरिक अविजित रॉय थे. उनकी हत्या राजधानी ढ़ाका में हुई.

90 फीसदी मुसलमान

मार्च में एक अन्य ब्लॉगर वाशीकुर रहमान की भी ढ़ाका में हथियार से हत्या कर दी गई.

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Image caption अनंत बिजॉय दास की हत्या दिन दहाड़े कर दी गई.

इसके बाद मई में अनंत बिजॉय दास की सिलहट शहर में एक हमले में मौत हो गई.

दास मुक्तो-मोना वेबसाइट के लिए ब्लॉग लिखते थे. कभी इस वेबसाइट को अवीजीत रॉय चलाते थे.

वैसे तो बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर एक धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन यहां की 16 करोड़ की आबादी का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा मुसलमानों का है.

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