'खून को ख़ून से नहीं पानी से धोया जाता है'

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भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के 'चरमपंथ से निपटने के लिए चरमपंथ' का इस्तेमाल करने के बयान पर पाकिस्तानी मीडिया में तूफान खड़ा हो गया है.

पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा बिकने वाले उर्दू अख़बार 'जंग' ने लिखा है, ''करांची से लेकर ख़ैबर तक होने वाली सारी चरमपंथी गतिविधियों में भारत का हाथ है.''

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पश्तो अख़बार 'वहादत' ने चेतावनी दी है कि अगर भारत पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाना चाहता है तो भारत को भी आंतरिक अशांति का सामना करना पड़ेगा.

'संयुक्त राष्ट्र में जाएँ'

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अंग्रेजी अख़बार 'पाकिस्तान ओबर्ज़र्वर' ने सलाह दी- "भारत सरकार में कोई पर्रिकर को यह समझाये कि खून को खून से नहीं पानी से ही धोया जा सकता है."

वहीं उर्दू अख़बार 'एक्सप्रेस' ने कहा है कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में भारत के रक्षा मंत्री के धमकी भरे बयान की शिकायत करनी चाहिए ताकि दुनिया को पता चल सके कि क्षेत्र में चरमपंथ कौन फैला रहा है."

इस बीच भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मनोहर पर्रिकर के बयान का बचाव करते हुए कहा, "जो बोओगे वही काटोगे. पाकिस्तान वही झेल रहा है जो उसने खड़ा किया है. पूरी दुनिया जानती है कि आतंकवाद कौन फैला रहा है."

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