नेपाल में फिर खुलने लगे स्कूल

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नेपाल में विनाशकारी भूकंप से हुई ज़बर्दस्त तबाही के बाद हज़ारों स्कूलों के दोबारा खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है.

नेपाल में 25 अप्रैल को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें लगभग 8,000 स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा था.

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इनमें से कुछ स्कूलों को बांस, लकड़ी और तिरपाल की मदद से अस्थायी तौर पर दोबारा बनाया गया है.

'बच्चे ख़ुश'

कक्षाएं फिलहाल बच्चों को भूकंप के सदमे से निकालने में मदद पर केंद्रित होंगी.

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स्कूल कम समय के लिए लगेंगे और उनमें सांस्कृतिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा.

यूनिसेफ़ के शिशु विकास विशेषज्ञ शिवा भुसाल ने कहा, "बच्चे अलग-अलग खिलौनों से यहां खेलकर बहुत ख़ुश हैं."

हालांकि कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित भी हैं.

'स्कूल भेजने में हिचक'

आठ साल के बच्चे सहज की मां मीना श्रेष्ठ ने एएफ़पी से कहा, "झटके अब भी लग रहे हैं. बच्चों को स्कूल दोबारा भेजने में हिचक तो है."

25 मई को संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि भूकंप से तबाह हुए लोगों को दोबारा बसाने के लिए नेपाल को विश्व से अधिक मदद की ज़रूरत है.

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संयुक्त राष्ट्र का ये भी कहना है कि अभी पुनर्निर्माण की जगह राहत कार्यों पर ही ध्यान देने की ज़रूरत है.

राहत कार्यों में कथित देरी के लिए आलोचना का सामना कर रही नेपाल सरकार ने आर्थिक मदद की मांग की है जो सीधे उसके हाथों में पहुंचे.

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भूकंप की वजह से नेपाल में 8,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं.

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