गिलगित बल्टिस्तान में चुनाव, भारत नाराज़

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भारत ने पाकिस्तान प्रशासित गिलगित और बल्टिस्तान क्षेत्र में 8 जून को चुनाव कराए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है.

गिलगित बल्टिस्तान भी विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है जिस पर पाकिस्तान का नियंत्रण है और भारत इसे अवैध बताता है..

इसी तरह पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में भारतीय प्रशासन और वहां होने वाले चुनावों पर सवाल उठाता रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है, "भारत का रुख़ बहुत साफ़ है. गिलगित बल्टिस्तान समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है."

उन्होंने कहा, "गिलगित बल्टिस्तान में 8 जून को होने वाले चुनाव पाकिस्तान की तरफ़ से अपने जबरदस्ती और गैर कानूनी क़ब्ज़े को छिपाने की कोशिश है."

उन्होंने कहा कि ये चुनाव क्षेत्र को पाकिस्तान में मिलाने और क्षेत्र के लोगों को उनके राजनीतिक अधिकार न देने का प्रयास है.

दूसरी बार चुनाव

गिलगिट बल्टिस्तान में दूसरी बार चुनाव हो रहे हैं. यहां पहली बार 2009 में चुनाव हुए थे.

गिलगिट बल्टिस्तान को पहले पाकिस्तान में नॉर्दन एरिया कहा जाता था और इसका प्रशासन संघीय सरकार के तहत एक मंत्रालय चलाता था.

लेकिन 2009 में पाकिस्तान की संघीय सरकार ने यहां एक स्वायत्त प्रांतीय व्यवस्था क़ायम कर दी जिसके तहत मुख्यमंत्री सरकार चलाता है.

अब इलाक़े की अपनी असेंबली है जिसमें कुल निर्वाचित 24 सदस्य होते हैं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता जहीरुद्दीन बाबर का कहना है कि इस असेंबली के पास बहुत ही सीमित अधिकार हैं.

इसलिए चुनावों में इस इलाक़े को अधिकार देना चुनावों में एक अहम मुद्दा है.

बीबीसी सवाददाता का कहना है कि गिलगित बल्टिस्तान को पूरी तरह पाकिस्तान प्रांत बनाना इसलिए जटिल है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ ये विवादित क्षेत्र है.

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