महिलाओं की तालिबान से 'ऐतिहासिक' वार्ता

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नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अफ़ग़ान महिलाओं के एक समूह ने तालिबान के प्रतिनिधियों से बातचीत की.

महिलाओं का कहना है कि उन्होंने वार्ता के दौरान भविष्य में शांति समझौता होने की स्थिति में महिलाओं के अधिकार को सुरक्षित करने पर ज़ोर दिया है.

महिला प्रतिनिधिमंडल की एक सदस्य ने इस वार्ता को 'ऐतिहासिक' बताया है.

इसे अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और तालिबान के बीच शांति समझौता होने की दिशा में ताज़ा पहल माना जा रहा है.

यह वार्ता कतर में चरमपंथियों और अनाधिकारिक अफ़ग़ान प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत के एक महीने बाद हुई है.

शांतिपूर्ण समाधान

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महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल में एक दर्जन महिलाएं शामिल थी. शुक्रिया बरकजई को छोड़कर किसी भी महिला प्रतिनिधि ने अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं की है.

शुक्रिया बरकज़ई अफ़ग़ानिस्तान की सांसद है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि यह बैठक अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, "अफ़ग़ान महिलाओं ने साहस के साथ अपने अधिकारों की रक्षा की. उनकी मांग थी कि पिछले दशक में हासिल किए गए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए."

उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि मौज़ूद टकराव किसी के भी हक में नहीं है और एक शांतिपूर्ण समाधान के लिए उन्हें लगातार बातचीत करते रहने की ज़रूरत है.

शुक्रिया बरकज़ई पिछले साल काबुल में हुए आत्मघाती हमले में बाल-बाल बची थीं.

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