फ़र्ज़ी स्कूली दस्तावेज़ों का आरोप, पीएम का इस्तीफ़ा

किरील गाबूरिच इमेज कॉपीरइट Reuters

मोल्दोवा के प्रधानमंत्री किरील गाबूरिच ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज़ों पर सवाल उठने के बाद इस्तीफ़ा दे दिया है.

गाबूरिच ने तीन बैंकों से एक अरब डॉलर ग़ायब हो जाने के बाद देश के महाधिवक्ता और शीर्ष बैंक अधिकारियों से पद छोड़ने के लिए कहा था.

दरअसल अभियोजकों ने कहा था कि उन्हें शक है कि किरील गाबूरिच के स्कूल के दस्तावेज़ों पर मुहर और हस्ताक्षर फ़र्ज़ी हैं.

इन्हीं आरोपों के बाद गाबूरिच ने इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूँ कि सरकार अपना ध्यान भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई और संस्थानों को राजनीति से दूर करने और वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र की सुरक्षा पर केंद्रित करे."

टीवी पर अपने इस्तीफ़े का ऐलान करते हुए गाबूरिच ने कहा, "मेरे स्कूल के डिप्लोमा का मुद्दा अब एजेंडा से हट जाएगा.

गाबूरिच फ़रवरी में ही प्रधानमंत्री बने थे.

राजनीतिक संकट

इमेज कॉपीरइट
Image caption बैंक घोटाला सामने आने के बाद मोल्दोवा में प्रदर्शन हुए थे.

पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रहा मोल्दोवा यूरोप के सबसे ग़रीब देशों में से हैं. यूक्रेन की सीमा से सटे मोल्दोवा में पिछले कुछ सालों से राजनीतिक संकट है.

बैंकिंग स्कैंडल सामने आने के बाद मई में माल्दोवा की राजधानी किशीनाऊ में प्रदर्शन हुए थे.

रूस समर्थक अलगाववादी 90 के दशक में मोल्दोवा के साथ हुए युद्ध के बाद से अलग ट्रांस-डिनीश्तर इलाक़े पर क़ाबिज़ हैं. उन्हें रूस का समर्थन प्राप्त है.

गाबूरिच यूरोपीय संघ समर्थक दो पार्टियों के समर्थन से अल्पमत सरकार के मुखिया बने थे.

मोल्दोवा की बैंकों से एक अरब डॉलर ग़ायब होने के मामले में मई में एक इसराइली मूल के व्यापारी को नज़रबंद किया गया था.

ग़ायब हुई राशि मोल्दोवा के कुल सकल घरेलू उत्पाद का आठवां हिस्सा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)