इंडोनेशियाः ज्वालामुखी फटा, हज़ारों का पलायन

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इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में एक ज़्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद यहां रहने वाले कम से कम 3,000 लोगों को यहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.

सुमात्रा द्वीप पर स्थित माउंट सिनाबुंग के सक्रिय होने से अकेले सोमवार को इसकी तलहटी में बसे 1,200 लोग यहां से हटने को मजबूर हो गए.

माउंट सिनाबुंग वैसे तो साल 2010 से ही सक्रिय हो गया था लेकिन पिछले 2 जून से ये और अधिक सक्रिय हो उठा है.

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साल 2010 से पहले माउंट सिनाबुंग में 400 सालों तक कोई हलचल नहीं हुई थी.

वैज्ञानिकों को आशंका है कि आने वाले कुछ हफ्तों में ज्वालामुखी से और अधिक गंभीर खतरे पैदा कर सकता है.

सोमवार को गर्म राख और गैस के कम से कम 28 विस्फोट हुए जो तीव्र गति से पहाड़ की ढलानों से नीचे की ओर बढ़ रहे थे.

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ज्वालामुखी संबंधी विभाग के सरकारी विशेषज्ञ का कहना है कि इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि माउंट सिनाबुंग पर लावा गुंबद की ऊंचाई बढ़ रही है.

ज्वालामुखी के मुख से जब तेज गति से लावा निकल कर नीचे की ओर बहता है और जैसे-जैसे ठंडा होता जाता है.

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ठंडा होने से उसका चिपचिपापन बढ़ जाता है जिससे उसकी गति धीमी पड़ने लगती है.

बहुत चिपचिपा होने पर लावा बह नहीं पाता है और यह एक जगह ढेर लगाकर विशाल गुंबद का आकार ले लेता है.

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इससे पहले जब साल 2010 में यह ज्वालामुखी सक्रिय हुआ था, तब कम से कम दो लोग मारे गए थे और इसकी वजह से 30,000 लोगों को अपना घर-बार छोड़कर कहीं और जाना पड़ा था.

माउंट सिनाबुंग, इंडोनेशिया में सक्रिय 130 ज्वालामुखियों में से एक है.

विशेषज्ञों का कहना है कि माउंट सिनाबुंग को कम सक्रिय ज्वालामुखी समझा जाता रहा है, इसकी वजह से अब इसकी सक्रियता के बारे में कोई अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है.

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