नेपाल को एक अरब डॉलर देगा भारत

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भारत और चीन ने भूकंप से उबरने की कोशिश कर रहे नेपाल को बड़ी मदद देने का एलान किया है.

नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने गुरुवार को राजधानी काठमांडू में दानदाताओं के एक सम्मेलन की शुरूआत की.

अप्रैल और मई में आए भूकंप से तबाही के बाद पुनर्निमाण के कार्यों के लिए सहयोग जुटाने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है.

भारत नेपाल को एक अरब डॉलर और चीन 50 करोड़ डॉलर देगा. एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 60 करोड़ डॉलर की मदद का वादा किया है.

भूंकप में 8832 लोगों की मौत हुई और अट्ठाइस लाख लोगों पर असर पड़ा.

नेपाल का कहना है कि उसे भूकंप के बाद राहत और पुनर्निर्माण के लिए कम से कम सात अरब डॉलर की ज़रूरत है.

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'सूझ-बूझ से इस्तेमाल'

नेपाली प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने वादा किया कि मदद का इस्तेमाल सूझ-बूझ से किया जाएगा.

दानदाता देशों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की चिंता रही है कि लालफ़ीताशाही और ख़राब प्लानिंग की वजह से मदद का इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता.

भारत की ओर से मदद का एलान करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि दोनों पड़ोसी "सुख और दुख में साथ हैं" और "ऐसी आपदा में एक दूसरे की मदद करेंगे."

25 अप्रैल और 12 मई को आए भूकंप में नेपाल में पांच लाख घर तबाह हुए और हज़ारों लोगों को खाने और साफ़ पानी की ज़रूरत है.

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