वो बिल्ली जो जापान में थी स्टेशन मास्टर

तामा इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption तामा इतनी मशहूर हो गई थी कि उसके नाम से कुछ उत्पाद भी लाँच किए गए.

जापान के एक छोटे से रेलवे स्टेशन की स्टेशन मास्टर रही एक बिल्ली की स्थानीय पशु अस्पताल में मौत हो गई है.

तामा नाम की इस बिल्ली की उम्र 16 साल थी.

पश्चिमी जापान के वाकायामा इलाके के एक छोटे से कस्बे किशी के रेलवे कर्मचारियों को बिल्ली का एक बच्चा भटकते हुए मिला था जिसे उन्होंने पाल लिया.

उस वक्त रेलवे कर्मचारियों को ये नहीं पता था कि ये छोटी सी बिल्ली इस ट्रेन स्टेशन को आर्थिक बदहाली से बचा लेगी.

लोकप्रिय हुआ स्टेशन

जब स्थानीय रेलवे कंपनी को इस रेलवे स्टेशन पर मैनेजर रखना गैरज़रूरी और ख़र्चीला लगा, तो वर्ष 2007 में कंपनी ने स्टेशन मैनेजर की जगह तामा को स्टेशन मास्टर नियुक्त कर दिया.

तामा को वेतन के तौर पर बिल्लियों का भोजन मिलता था और उसे स्टेशन मास्टर का हैट भी दिया गया.

तामा को दो सहायक बिल्लियां भी दी गई थीं जिनके साथ वह नियमित तौर पर यात्रियों का अभिवादन करती थी.

तामा की मौजूदगी ने इस छोटे से रेलवे स्टेशन को देश विदेश में काफी लोकप्रिय बना दिया.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक साल 2007 में ही तामा को देखने 55,000 लोग आए और स्थानीय अर्थव्यवस्था को 1.1 अरब येन का फ़ायदा हुआ था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार