मरीन मामले में मध्यस्थता चाहता है इटली

इटली के नौसैनिक इमेज कॉपीरइट AFP

इटली ने कहा है कि वो भारत में अपने दो नौसैनिकों पर हत्या के आरोपों से जुड़े मामले में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता चाहता है.

इतालवी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ''इस विवाद का कोई हल नज़र नहीं आ रहा है. ऐसे में, भारत से बातचीत के ज़रूरी दौर के बाद ये फ़ैसला लिया गया. संसद ने भी ऐसा करने को कहा था."

अभी भारत की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है.

दो इतालवी नौसैनिकों मैसिमिलानो लाटोरे और सल्वाटोर गिरोने पर फ़रवरी 2012 में केरल के नज़दीक समुद्र में दो भारतीय मछुआरों वैलेंटीन और अजेश बिंकी की हत्या का आरोप है.

वहीं इतालवी नौसैनिकों का कहना है कि उन्होंने मछुआरों को ग़लती से समुद्री डाकू समझकर गोली चलाई थी.

सुप्रीम कोर्ट में मामला

मैसिमिलानो लाटोरे भारतीय सुप्रीम कोर्ट की इजाज़त के बाद दिल के इलाज के लिए बीते साल सितंबर से ही इटली में हैं जबकि सल्वाटोर गिरोने भारत में ही हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

इटली का कहना है कि वो लाटोरे को इटली में ही रखने और गिरोने की इटली वापसी के लिए कहेगा.

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने लाटोरे को 15 जुलाई तक इटली में रहने की इजाज़त दी है.

भारत सरकार ने मानवीय आधार पर लाटोरे को इटली भेजे जाने का विरोध नहीं किया था.

भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट को ये पहले ही बता चुकी है कि दोषी पाए जाने पर भी दोनों को मौत की सज़ा नहीं होगी.

इटली की सरकार कहती आई है कि ये घटना भारत की समुद्री सीमा के बाहर हुई और इसमें अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता होनी चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)