दहशत में सैलानी, हज़ारों ने ट्यूनीशिया छोड़ा

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ट्यूनीशिया में शुक्रवार को एक बीच पर हुए हमले के बाद वहां से हज़ारों पर्यटकों को निकाला जा रहा है, जिनमें ज़्यादातर यूरोपीय हैं.

लोकप्रिय पर्टयन स्थल सूस में हुए इस हमले में 38 लोग मारे गए.

मृतकों में 15 ब्रितानियों के अलावा जर्मनी, बेल्जियम और आयरलैंड जैसे यूरोपीय देशों के कई नागरिक भी शामिल हैं.

हमले के बाद टूर ऑपरेटर भी ट्यूनीशिया की ट्रिप्स रद्द कर रहे हैं.

सूस शहर के एक पर्यटन अधिकारी का कहना है कि हमले के बाद से लगभग तीन हजार विदेशी सैलानी वहां से चले गए हैं.

वैसे ट्यूनीशिया की सरकार ने कहा है कि पर्यटन स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जा रही है.

परिवार हैरान

चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट ने इस हमले के पीछे अपना हाथ होने की बात मानी है.

संदमर किनारे धूप सेंक रहे लोगों पर गोलियां बरसाना वाला हमला भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया.

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एक बीबीसी संवाददाता ने हमलावर के गांव जाफोर का दौरा किया, जहां उसके परिजन इस घटना से बहुत व्यथित हैं.

परिजनों का कहना है कि उसने कभी ये संकेत नहीं दिया कि उसने चरमपंथी विचारधारा को अपना लिया है.

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