'हर किसी को अपने तरीके से जीने का हक़'

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अमरीका में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता मिल जाने पर ईरान के सोशल मीडिया में काफी कुछ कहा जा रहा है.

कई ईरानी नागरिकों ने अपने सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर रेनबो फ़िल्टर लगाकर अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया.

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट 'अलीरज़ा हक़ीक़तनेजाद' ने रेनबो फ़िल्टर लगाते हुए लिखा है, "मुझे उस दिन का इंतजार है जब इंद्रधनुष (रेनबो) जैसा होने के अधिकार का ईरान में भी उल्लंघन नहीं होगा."

जीने का तरीका

तक़ातो फ़ेसबुक पेज पर कई यूजर्स ने अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया है.

इस पेज पर एक यूजर ने कमेंट किया है, "हर किसी को अपने तरीके से जीने का हक़ है, न कि दूसरों के तरीके से."

एक दूसरे यूजर रज़ा अक़दसी ने लिखा है, "आदमी दुनिया में एक बार ही आता है, इसलिए उन्हें उसी तरीके से जीना चाहिए जिससे उनको ख़ुशी मिले."

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ऐसा नहीं है कि इस फ़ैसले के पक्ष में ही कमेंट किए जा रहे हैं. इसके विरोध में कई लोग कमेंट कर रहे हैं.

अपने प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर रेनबो फ़िल्टर लगाने को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने 'अति-आग्रही क़दम' बताया है.

हालांकि ऐसे लोगों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि वो समलैंगिकों से नफ़रत नहीं करते.

'आत्मघाती क़दम'

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ईरानी सोशल मीडिया में कुछ लोगों ने अमरीकी अदालत के इस फ़ैसले को 'आत्मघाती क़दम' बताया है.

लायला सादत हुसैनी नामक एक यूजर ने लिखा है, "ये निराशाजनक है...मानवता दिन-प्रतिदिन खुद को तबाह करने की ओर बढ़ रही है. बदकिस्मती से ये सब कुछ आज़ादी के नाम पर हो रहा है."

एक दूसरी यूज़र माहसा शेवरी ने कमेंट किया है, "कुछ रोज़ में वो बाप-बेटी और माँ-बेटे के बीच शादी को क़ानूनी बना देंगे."

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