1000 से ज़्यादा नौकरियों में कटौती करेगी बीबीसी

बीबीसी आने वाले दिनों में एक हज़ार से ज़्यादा नौकरियों में कटौती करने जा रही है.

ब्रिटेन में टीवी देखने वालों को लाइसेंस फ़ीस देनी पड़ती है. लोगों को 145.40 पाउंड यानी करीब 15000 रुपए सालाना फ़ीस देनी पड़ती है जो पिछले सात सालों से इसी स्तर पर बनी हुई है.

अब बहुत से लोगों ने कहा है कि वे लाइव टीवी नहीं देखते और इसलिए उन्होंने लाइसेंस नहीं खरीदा है. इस वजह से आमदनी घटी है.

बीबीसी की नई घोषणा के मुताबिक मैनेजमेंट स्तर पर बदलाव होंगे.

पाँच करोड़ पाउंड की बचत

बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टॉनी हॉल ने कहा है कि नौकरियों में कटौती कर सालाना पाँच करोड़ पाउंड की बचत होगी. उन्होंने कहा कि आर्थिक हालत की वजह से बीबीसी को मुश्किल फैसले लेने पड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हाल के समय में फ़ैसले लेने की आंतरिक प्रक्रिया जटिल हो गई है और वो चीज़ों को ज़्यादा सरल बनाना चाहते हैं.

आईटी, मानव संसाधन और इंजीनियरिंग जैसे विभागों में देखा जाएगा कि कहाँ संसाधनों का दोहराव हो रहा है.

बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टॉनी हॉल ने जानकारी दी है कि बीबीसी ने 1.5 अरब पाउंड की बचत की है लेकिन अभी और बचत की ज़रूरत है.

बीबीसी का वर्तमान रॉयल चार्टर 2016 के अंत में ख़त्म हो जाएगा जिसके बाद नए सिरे से तय होगा कि बीबीसी का संचानल कैसे होगा.

बचत करने के मुख्य बिंदुओं में शामिल होगा- बीबीसी और बीबीसी वर्ल्डवाइड टीमों को एकसाथ लाना, मैनेजमेंट स्तर में कटौती और लीगल-मार्केटिंग विभागों में प्रक्रियाओं को आसान करना.

ब्रॉडकास्ट यूनियन बेक्टू ने कहा है कि वो सरलीकरण के बीबीसी की योजना से सहमत है लेकिन नौकरियों की कटौती के खिलाफ़ है.

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