ग्रीस : अगले 48 घंटे और कुछ सवाल

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ग्रीस के लोगों के जनमत संग्रह में आर्थिक बेलआउट पैकेज की शर्तों को मानने से इनकार करने के बाद अब ग्रीस के यूरोज़ोन में रहने के सवाल पर फैसले के लिए सिर्फ 48 घंटों का समय बाकी है.

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बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ग्रीस के आर्थिक मामलों के मंत्री योरगास स्टाथाकिस ने बताया कि सबसे पहले, यूरोपियन सेंट्रल बैंक को ग्रीस के बैंकों को ज़िंदा रखने के लिए कम से कम 10 दिन या एक हफ्ते के लिए मदद देनी चाहिए ताकि ग्रीस, कर्ज़दाताओं, यूरोज़ोन की सरकारों और आईएमएफ के बीच राहत को लेकर बातचीत आगे बढ़ सके.

अब आगे क्या?

योरगास स्टाथाकिस ने कहा कि यूरोपियन सेंट्रल बैंक सोमवार को 3 अरब यूरो की मदद देकर नकदी की कमी होने से बचा सकती है.

योरगास स्टाथाकिस का कहना था कि ईसीबी अगर तरलता बनाए रखने के लिए आपात सहायता नहीं देता तो ग्रीस में शुक्रवार तक बैंकों से नकदी निकालने और नकदी ट्रांसफर करने पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे.

ज़ाहिर है ईसीबी ने मदद को कम कर दिया तो ग्रीस की बैंकों की हालत बहुत खराब हो जायेगी.

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ग्रीस को बचाने के लिए प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सिप्रास ने पिछले हफ़्ते कर्ज़दाताओं को पत्र लिखकर खर्च में कटौती, टैक्स में बढ़ोतरी और ढांचागत आर्थिक सुधारों की ज़्यादातर शर्तों पर रज़ामंदी जताई थी.

हालांकि पेंशन में कटौती के प्रस्ताव पर ग्रीस कुछ बदलाव चाहता है.

कर्ज़ का बोझ कम करने की गुहार

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ग्रीस की सरकार कर्ज़ के बोझ में से 30 फीसदी कम करने की बात कह रही है.

इसके दो रास्ते हो सकते हैं या तो ग्रीस के कर्ज़ को माफ़ किया जाए या कर्ज़ चुकाने की समयसीमा बढ़ाई जाए.

लेकिन योरगास स्टाथाकिस ने कहा कि ग्रीस के बैंक बर्बादी की कगार पर हैं. ऐसे में ग्रीस के यूरोज़ोन में रहने या बाहर जाने के फैसले के लिए 48 घंटे बचे हैं .

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