छोड़े जाएँगे चीन में पकड़े गए छह ब्रितानी?

चीन का झंडा पेंट करता आदमी इमेज कॉपीरइट Reuters

चीन में विदेशी पर्यटकों के एक दल को हिरासत में लिया गया है. इस दल को चीन के आपदा राहत दौरे पर इस्लामी सूफ़ीवाद से प्रभावित द गिफ़्ट ऑफ़ द गिवर्स नामक एक चैरिटी संस्था ने भेजा था.

इस दक्षिण अफ़्रीकी संस्था ने बताया कि 20 लोगों के इस दल को उत्तरी चीन के मंगोलिया में 10 जुलाई को हिरासत में लिया गया और बाद में इनमें से 11 लोगों को रिहा कर दिया गया.

संस्था ने कहा है कि अब भी नौ लोग हिरासत में ही हैं. इन लोगों पर चरमपंथी प्रोपगैंडा वीडियो देखने का आरोप है.

चीन में मौजूद बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस के अनुसार चीन ने आधिकारिक तौर पर इन लोगों को हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया है.

पर्यटकों के इस दल में 10 दक्षिण अफ़्रीकी, नौ ब्रितानी और एक भारतीय हैं.

संस्था ने दल के किसी सदस्य का किसी भी चरमपंथी संगठन से संबंध होने से इनकार किया है.

इससे पहले ब्रितानी राजनयिकों ने बीबीसी को बताया कि हिरासत में लिए गए छह ब्रितानी नागरिकों को वापस भेजे जाने की संभावना है.

आधिकारिक कारण नहीं पता

Image caption दक्षिण अफ़्रीका के उप राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा श्रीलंका दौरे पर.

संस्था ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में कहा है कि इस दल में कुछ डॉक्टर और कारोबारी शामिल हैं लेकिन किसी भी सदस्य का किसी चरमपंथी संगठन से संंबंध नहीं था.

ब्रितानी अधिकारियों ने कहा है कि वो हिरासत में लिए जाने के कारणों पर "स्पष्टीकरण माँग रहे हैं." दूतावास के अधिकारी पर्यटकों की मदद के लिए उनसे मिले भी हैं.

द गिफ़्ट ऑफ़ द गिवर्स ने कहा है कि दक्षिण अफ़्रीका और ब्रिटेन के अधिकारी मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिले हैं

हिरासत की ख़बर तब सामने आई है जब दक्षिण अफ़्रीका के उप-राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा पाँच दिवसीय दौर पर मंगलवार को चीन पहुँचे हैं. उन्होंने चीन के प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति से मुलाकात भी की है.

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