ग्रीस की संसद ने शर्तों को मंज़ूरी दी

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ग्रीस के सांसदों ने यूरोपीय संघ की बेलआउट से जुड़ी कड़ी शर्तों को मज़ूरी दे दी है. प्रस्तावित सुधार लागू करने को लेकर संसद में काफ़ी गर्मा गर्मी हुई.

वोटिंग के दौरान प्रधानमंत्री सिप्रास ने दोबारा कहा कि शर्तों से सहमत नहीं है लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है.

उन्होंने सांसदों से कहा, "अगर मुझे आपका समर्थन नहीं मिला तो मेरे लिए प्रधानमंत्री बने रहना मुश्किल होगा."

सिप्रास के समर्थकों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया लेकिन कई सासंदों ने ईयू पैकेज का विरोध किया.

ग्रीस को 86 अरब यूरो की मदद मिलनी है.

इस बीच संसद के बाहर आर्थिक सुधारों का विरोध करने वालों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके और पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

अगर ग्रीस को यूरोज़ोन से आर्थिक मदद का पैकेज लेना है तो संसद को कई कड़े नए प्रावधानों को मंज़ूरी देना ज़रूरी था. इसमें कर में बढ़ोतरी और रिटायरमेंट की उम्र में बढ़ोतरी शामिल है.

मंत्री का इस्तीफ़ा

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वहीं उप वित्त मंत्री नाडिया वालावानी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने कहा कि वे योजना का अपना समर्थन नहीं दे सकती.

इस मुद्दे पर संसद में पूरी बहस से पहले पूर्व वित्त मंत्री यानिस वैरोफाकिस ने इन प्रस्तावों की तुलना जर्मनी की उन मांगों से की है जो उसने पहले विश्व युद्ध की समाप्ति पर हर्जाने के लिए की थीं.

अन्य सांसदों ने कहा, "आप हमें यहां तक ले आए."

कर्ज़ में डूबे ग्रीस को सोमवार को यूरोपीय संघ की तरफ़ से तीसरा बेलआउट पैकेज देने पर सहमति बनी थी.

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