'मुझे 70 साल से इस दिन का इंतजार था'

पहले विश्व युद्ध के दौरान युद्ध बंदी इमेज कॉपीरइट AP

जापान की मित्सुबिशी कंपनी ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमरीकी युद्ध बंदियों से जबरन मजदूरी करवाने के लिए माफ़ी मांगी है.

कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी, हिकारु किमुरा ने लॉस एंजेलिस में आयोजित एक समारोह में कंपनी की खदानों में इन कैदियों से काम करवाने के लिए गहरा पछतावा व्यक्त किया है.

अगस्त में द्वितीय विश्व युद्ध को खत्म हुए 70 साल हो जाएँगे. लॉस एंजेलिस में हुए समारोह में अब जीवित इन दो अमरीकियों में से एक मौजूद थे.

इमेज कॉपीरइट AP

काम करने को मजबूर किए गए पूर्व अमरीकी कैदियों में से कुछ कैदियों ने इस माफी को स्वीकार कर लिया है.

समारोह में मौजूद पूर्व अमरीकी कैदी 94 साल के जेम्स मर्फी ने कहा, "आज शानदार दिन है, पिछले 70 साल से इस दिन का इंतजार था....किमुरा को ध्यान से सुनने के बाद मुझे उनका पछतावा दिल से निकला लगा है. अब हम बेहतर समझ, दोस्ती के साथ जापान के सहयोगियों के साथ निकटता बढ़ा सकते हैं."

किसी जापानी कंपनी की ओर से पहली बार युद्ध बंदियों से माफ़ी मांगी गई है. जापान की सरकार पहले ही इस बारे में माफ़ी मांग चुकी है.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने लगभग 500 अमरीकी युद्ध बंदियों को कारखानों में बंधुआ मजदूरों की तरह इस्तेमाल किया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार