जापानी कार्टूनः चीन 'ना', सोशल मीडिया 'हां'

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चीन में सरकारी पाबंदी के बावजूद जापानी कार्टून सीरीज़ 'डेथ नोट' सोशल मीडिया पर ख़ूब सुर्ख़ियां बटोर रहा है.

'डेथ नोट' में लाइट यागामी नाम के युवक की कहानी है. उसे मनहूस शक्तियों वाली एक डायरी मिलती है. इस डायरी के पन्ने पर जिसका भी नाम लिख दिया जाए वो मारा जाता है.

दुनिया भर में ख़ूब सराहे गए 'डेथ नोट' का सफ़र जापान में साप्ताहिक पत्रिका से शुरू हुआ और अब तक ये किताब, फ़िल्म और वीडियो गेम्स की शक्ल में आ चुका है.

अलग-अलग देशों में इसकी 30 करोड़ प्रतियां बिक चुकी हैं. लेकिन लोकप्रियता अपने साथ विवाद भी लेकर आती है.

10 करोड़ लाइक्स

चीनी सेंसर बोर्ड ने जिन लगभग 38 जापानी कॉमिक्स पर पाबंदी लगाई हुई है, 'डेथ नोट' उनमें से एक है.

लेकिन पाबंदी के बावजूद चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'सिना वीबो' पर 'डेथ नोट' लगातार ट्रेंड कर रही है.

कॉमिक्स को चाहने वालों ने सरकारी क़ायदे-क़ानून से बचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है.

हैशटैग #DeathNote वाले पोस्ट को वीबो डॉट कॉम पर अब तक 10 करोड़ बार पढ़ा जा चुका है जबकि लाखों की तादाद में इसपर कमेंट किए जा रहे हैं.

हिंसक और अश्लील

हैशटैग #DeathNote के पोस्ट पर किए गए एक ख़ास कमेंट में कहा गया है, "डेथ नोट पर बनी फ़िल्म मस्त है."

जबकि एक अन्य यूज़र ने चीनी कॉमिक्स, जो ज़्यादातर बच्चों के लिए बनते हैं, पर निशाना साधते हुए लिखा, "तो क्या आप ये चाहते हैं कि 20-30 साल का युवक 2 साल के बच्चे वाले कार्टून से अपना मनोरंजन करे?"

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चीन ने डेथ नोट कॉमिक्स सीरिज़ को 'हिंसक' और 'अश्लील' बताते हुए अप्रैल में इस पर पाबंदी की घोषणा की थी.

संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी ली कुआंग ने सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि बच्चों के लिए स्वस्थ माहौल हो इसके लिए पाबंदी ज़रूरी है.

लेखक जोनाथन क्लीमेंट का कहना है कि 'डेथ नोट' कॉमिक्स सीरिज़ में अपराध, अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे कई ऐसे विषय हैं जो सेंसर के लिए ख़तरे की झंडी साबित हुए हैं.

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