चीनः पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारी पर कार्रवाई

गुओ बोक्सियोंग इमेज कॉपीरइट Reuters

चीन के पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी जनरल कुओ पोशियांग का नाम भ्रष्टाचार के एक मामले में आने के बाद उन्हें कम्यूनिस्ट पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

जनरल कुओ पर रिश्वत लेने और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रोन्नति कराने के आरोप हैं.

उनके साथ काम कर चुके दो अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद उन पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी.

शी जिनपिंग के तीन साल पहले राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सख़्त अभियान चल रहा है.

बीबीसी की चीन संपादक कैरी ग्रेसी का कहना है कि जनरल कुओ जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली सैन्य अधिकारी का निलंबन शी जिनपिंग की एक और बड़ी कामयाबी है.

ये इस बात की चेतावनी भी है कि भ्रष्टाचार के विरोध में उनका अभियान अभी ख़त्म नहीं हुआ है.

सेना प्रभावित

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption कई पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण सेना की क्षमताएं प्रभावित हो रही हैं.

कई वरिष्ठ चीनी जनरल सेना में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत कर कह चुके हैं कि भ्रष्टाचार इतना ज़्यादा है कि इससे सेना की युद्ध करने की क्षमताएं भी प्रभावित हो रही हैं.

उनका कहना है कि प्रोन्नतियां हासिल करने के बजाए कथित तौर पर ख़रीदी और बेची जा रही हैं.

जनरल कुओ 2002 से 2012 तक चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के वाइस चेयरमैन थे. वे कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो के सदस्य भी थे.

उनका मामला अब सैन्य अभियोजकों को सौंप दिया गया है.

नौसेना में एडमिरल के पद पर कार्यरत उनके बेटे को भी इसी साल हिरासत में ले लिया गया था.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान चल रहा है.

12 ट्रक में गया सामान

जनरल कुओ के साथ काम कर चुके दो और जनरलों शू चायहाऊ और कू चुनशान पर भी व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक जनरल शू के बीजिंग स्थित घर में मौजूद नकदी, आभूषणों और प्राचीन वस्तुओं का हिसाब लिखने में एक सप्ताह लगा था और उन्हें ले जाने के लिए 12 ट्रकों का इस्तेमाल किया गया था.

उनकी इसी साल मार्च में कैंसर से मौत हो गई थी.

जनरल कू चुनशान पर भी सैन्य भूमि लेन-देन में पाँच अरब डॉलर के घोटाले के आरोप हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार