ऑस्ट्रेलिया: अडानी के खदान का लाइसेंस रद्द

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Image caption ऑस्ट्रेलिया दुनिया के बड़े कोयला उत्पादकों में से एक है.

ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने भारतीय उद्योगपति अडानी की कंपनी को कोयले के खनन के लिए दिया गया लाइसेंस रद्द कर दिया है.

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कारमाइकल खदान के खनन की स्वीकृति पिछले साल दी थी. इसे दुनियां भर में कोयले के सबसे बड़े खदानों में से एक बताया गया था.

लेकिन पर्यावरण की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने वालों ने इसके ख़िलाफ़ ऊंची अदालत में शिकायत की.

अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि लाइसेंस देते वक़्त पर्यावरण मंत्री ने विलुप्त हो रहे जानवरों के मामले को ध्यान में नहीं रखा.

12 अरब लीटर पानी की ज़रूरत

अपील करने वाले पक्ष की वकील सु हिग्गिन्सन ने कहा कि इसका मतलब ये हुआ कि खदान का काम क़ानूनी तौर पर तबतक रूका रहेगा जबतक उसे फिर से लाइसेंस न दिया जाए.

इस बात का भी ख़तरा बताया जा रहा था कि इससे समुद्र तट और उसके पास मौजूद प्राणियों को नुक़सान होगा.

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Image caption अडानी की कंपनी के लिए ये अहम प्रोजेक्ट था.

कंपनी कोयले के निर्यात के लिए एक बंदरगाह भी बनाने जा रही थी.

एक बयान में कंपनी ने कहा कि ये पर्यावरण विभाग की तकनीकी ग़लतियों का नतीजा है.

इस खान से छह करोड़ टन कोयला निर्यात किया जाना है, जिसमें से ज़्यादातर भारत भेजा जाएगा.

ये भी कहा जा रहा था कि खदान में 12 अरब लीटर पानी सालाना लगेगा जो भूजल के स्तर को प्रभावित करेगा.

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