श्रीलंका: विक्रमसिंघे की पार्टी सबसे आगे

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श्रीलंका में मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की पार्टी संसदीय चुनावों में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है.

उनकी यूनाइटेड नेशनल पार्टी को कुल 225 सीटों में से 106 सीटें हासिल हुई हैं.

लेकिन बहुमत के आंकड़े से वो पीछे हैं, ऐसे में उन्हें गठबंधन सरकार बनानी होगी.

मंगलवार को आए चुनाव नतीजों के बाद विक्रमसिंघे ने देश में एकता और एक नई राजनीतिक संस्कृति क़ायम करने की अपील की.

उधर, पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की प्रधानमंत्री बन कर वापसी करने की उम्मीदें दम तोड़ चुकी हैं.

श्रीलंका चुनाव
यूनाइटेड नेशनल पार्टी (रानिल विक्रमसिंघे) 106 सीटें 45.7 प्रतिशत मत
यूनाइडेट पीपल्स फ्रीडम एलायंस (महिंदा राजपक्षे) 95 सीटें 42.4 प्रतिशत मत
तमिल नेशनल एलायंस 16 सीटें -
जनता विमुक्ति पेरामुना 06 सीटें -
ईपीडीपी 01 सीट -
श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस 01 सीट -

उम्मीद के मुताबिक नहीं प्रदर्शन

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इसी साल जनवरी में राजपक्षे को राष्ट्रपति चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था.

उनकी पार्टी संसदीय चुनावों में भी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है.

वैसे इन चुनावों में राष्ट्रवादी सिंहाला पार्टियों और कट्टरपंथियों को निराशा हाथ लगी है.

दूसरी तरफ़, यूएनपी के समर्थक राजधानी कोलंबो में जीत का जश्न मना रहे हैं.

विक्रमसिंघे ने नतीजों के बाद कहा कि उनकी सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए माहौल बनाने में कामयाब रही और इस संस्कृति को बनाए रखना चाहिए.

विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना का समर्थन प्राप्त है. उम्मीद है उनकी सरकार को तमिल नेशनल एलायंस का समर्थन मिल जाएगा, जिसे देश के उत्तरी हिस्से में अच्छी कामयाबी मिली है.

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