समलैंगिक होने पर सात लोग भेजे गए जेल

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Image caption समलैंगिकों के अधिकारों के पैरोकार पूरे अफ्रीका में समलैंगिकता का दर्ज़ा देने के खिलाफ अभियान कर रहे हैं.

पश्चिम अफ्रीकी देश सेनेगल में सात लोगों को समलैंगिकता का दोषी पाए जाने पर छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

एक छापे के दौरान पुलिस ने इन सात पुरुषों को हिरासत में लिया और राजधानी डकार की अदालत ने इस मामले की सुनवाई की.

एक अभियुक्त की मां ने अधिकारियों को बताया कि उसका बेटा समलैंगिक है लेकिन मुक़दमे की सुनवाई के दौरान वो गवाह के तौर पर हाज़िर नहीं हुईं.

सेनेगल में समलैंगिकता पर प्रतिबंध है और इसके लिए पांच साल की क़ैद से लेकर 2,500 डॉलर जुर्माने तक की सज़ा हो सकती है.

बचाव पक्ष के वकील अब्दुल डॉफ ने कहा कि मुमकिन है, उस मां के अदालत में हाज़िर ना होने से ही उनका केस कमज़ोर पड़ गया.

उन्होंने कहा, "इन दावों की पुष्टि करने के लिए उनके पास ना तो कोई ठोस सबूत था ना ही कोई गवाही. इसलिए हमने इसे नोट कर लिया है और अब देखेंगे कि आगे हमें क्या करना है."

यहां समलैंगिकता अपराध है

सेनेगल में 95 फीसदी आबादी मुसलमान है और वहां समलैंगिक लोगों को छिपकर रहना पड़ता है.

समलैंगिकों अधिकारों के संगठन प्रूडेंस के कार्यकर्ता जमील बंगूरा ने कहा कि अदालत के इस फैसले से वे निराश हुए.

उन्होंने कहा, "सब के सामने उन लोगों को दोषी ठहराया जाना शर्मनाक है, वो भी सिर्फ इसलिए कि वो समलैंगिक हैं."

हाल ही में अपनी कीनिया यात्रा के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफ्रीकी देशों से अपील की थी कि वे समलैंगिक पुरुषों और महिलाओं से समान बर्ताव को सुनिश्चित करें.

अफ्रीका के 38 देशों में समलैंगिकता ग़ैरकानूनी है. सूडान, मॉरिटानिया, सोमालिया और उत्तरी नाइजीरिया में समलैंगिकता के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान है.

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