परमाणु हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं होना: पाक

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पाकिस्तान का कहना है कि परमाणु हथियारों की दौड़ में शामिल होने की उसकी कोई इच्छा नहीं है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक बयान में ये बात कही गई है. बयान में इन ख़बरों को भी खारिज किया गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों में वृद्धि कर रहा है.

हाल ही में अमरीकी अख़बार 'वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट में दो अमरीकी थिंकटैंकों के हवाले से बताया गया था पाकिस्तान आने वाले पांच से दस बरसों में 350 परमाणु हथियारों के साथ अमरीका और रूस के बाद तीसरा सबसे ज़्यादा परमाणु हथियारों वाला देश बन जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान अपने प्रतिद्वंद्वी भारत के मुक़ाबले तेज़ी से अपनी परमाणु क्षमता में वृद्धि कर रहा है.

रिपोर्ट का कहना है कि पाकिस्तान के पास इस समय 120 जबकि भारत के पास 100 परमाणु हथियार हैं.

शुक्रवार को जारी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम दक्षिणी एशिया में शांति और स्थिरता के लिए है और परमाणु हथियारों की रेस में शामिल होने का उसका कोई इरादा नहीं है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के सदस्यों के साथ भारत के समझौतों की वजह से क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है.

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