थियानमेन चौक पर दिखेगी चीन की ताकत

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दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने की 70वीं वर्षगांठ के मौक़े पर चीन एक भव्य सैनिक परेड का आयोजन कर रहा है.

थियानमेन चौक पर होने वाली इस परेड में 10 हजार चीनी सैनिक मार्च करेंगे. इसके साथ ही 40 प्रकार के 500 जंगी उपकरण और 200 विमान भी इस परेड में शामिल होंगे.

परेड में शिरकत करने के लिए 17 देशों के 1000 विदेशी सैनिक भी चीन पहुंच रहे हैं. इनमें रूस, पाकिस्तान, क्यूबा और मिस्र जैसे देशों के सैनिक हैं.

कड़ी सुरक्षा

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मध्य बीजिंग को इस परेड के लिए पूरी तरह से बंद रखा जाएगा. यहां तक कि सैलानियों वाले इलाक़े, होटल और दुकान भी बंद रहेंगे. चिड़ियों को परेड की जगह के आकाश से दूर रखा जा सके इसके लिए बंदरों को तैनात किया गया है.

इस दौरान प्रदूषण के स्तर को नियंत्रण में रखना भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है जिससे कि कार्यक्रम के दौरान नीला आकाश नज़र आए.

उत्पादन बंद

इसके लिए बीजिंग के साथ ही हेबेइ, तियानजिन, शांक्सी, इनर मंगोलिया, शानडोंग और हेनान की फैक्ट्रियों को 28 अगस्त से 4 सितंबर तक बंद रखा जाएगा. इनमें बिजली घर भी शामिल हैं. कुल मिला कर करीब 10 हज़ार फैक्ट्रियां और 9000 निर्माण की जगहों पर काम बंद रहेगा.

पांच दिनों तक टीवी पर मनोरंजन के सामान्य कार्यक्रमों का प्रसारण भी बंद रहेगा. इनकी जगह टीवी चैनलों से ''जापानी चढ़ाई के खिलाफ़ जंग’’ से जुड़े कार्यक्रम दिखाने के लिए कहा गया है.

30 राष्ट्रप्रमुख

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परेड में तीस देशों के राष्ट्रप्रमुख शामिल हो रहे हैं. इनमें रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हई और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन भी शामिल हैं.

जापान संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के बीजिंग दौरे से नाराज़ है लेकिन चीन ने जापान के विरोध की निंदा की है.

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इसके अलावा सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर के शामिल होने का भी विरोध हो रहा है. चीन का कहना है कि कथित युद्ध अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चीन की कोई ''बाध्यता नहीं’’ है.

जापान के राष्ट्रपति शिंजो आबे के भी पहले यहां आने की बात कही जा रही थी लेकिन अब वो नहीं आएंगे. हालांकि उनके कार्यक्रम की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई थी. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन भी नहीं आ रहे हैं.

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