मिस्र: मेधावी छात्रा के फ़ेल होने पर हज़ारों साथ आए

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मिस्र में एक टॉपर छात्रा के न सिर्फ़ फेल होने, पर उसे सभी सात विषयों में ज़ीरो अंक मिलने पर हज़ारों लोग छात्रा के समर्थन में आ गए हैं.

मरियम मलक नाम की इस छात्रा के मामले को अन्याय और भ्रष्टाचार का संभावित मामला बताया जा रहा है.

इम्तेहान के बाद मरियम को अच्छे अंक आने की उम्मीद थी. पिछले सालों की परीक्षाओं में उसने उच्च अंक हासिल कर मिस्र के शीर्ष छात्रों में जगह बनाई थी.

जब अंतिम परीक्षा का नतीजा आया तो मरियम भी उत्सुकता से टॉपर छात्रों की सूची में अपना नाम तलाश रहीं थीं.

लेकिन उनका नाम सूची में नहीं था. फिर भी उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें मेडिकल स्कूल में दाख़िला तो मिल ही जाएगा.

लेकिन जब उन्होंने नतीजा देखा तो वो बेहोश हो गईं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे ज़बरदस्त झटका लगा. न मुझे किसी की आवाज़ आ रही थी और ना ही मैं कुछ बोल पा रही थी. ये कैसे हो सकता था, मुझे ज़ीरो नंबर मिले थे."

मरियम मलक को न सिर्फ़ एक, बल्कि सभी सातों पेपरों में 100 में से ज़ीरो अंक मिले.

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प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया

मरियम के भाई मीना का आरोप था कि संभवत स्कूल या बोर्ड ने उनकी कॉपियों को किसी और छात्र की कॉपियों से बदल दिया हो.

मरियम के समर्थन में बनाए गए फ़ेसबुक पन्ने पर अभी तक 33 हज़ार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं.

मिस्र की एक महिला ने ट्वीट किया, "उन्होंने न सिर्फ़ उसके नंबर चुराए हैं बल्कि उसका भविष्य और सपने भी चुरा लिए हैं."

मिस्र के शिक्षा मंत्रालय ने अपनी जाँच के बाद कहा है कि जांची गई कॉपियां मरियम की ही हैं.

हालांकि मरियम और उनके समर्थक ये मानने से इंकार करते हैं.

मरियम की कहानी सामने आने के बाद एक अन्य मेधावी छात्रा ने ख़ुद को ज़ीरो दिए जाने का विरोध किया है.

मरियम के परिजनों ने देश के प्रधानमंत्री से भी मुलाक़ात की है जिन्होंने न्याय का भरोसा दिलाया है.

मिस्र के कई प्रमुख लोगों ने मरियम की आगे की पढ़ाई में मदद करने का वादा भी किया है.

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