'हज हादसे पर इंसान का वश नहीं था'

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सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुल अज़ीज़ बिन-अब्दुल्ला अल-शेख ने कहा है कि मक्का में हज के दौरान हुई भगदड़ पर इंसान का वश नहीं था.

गुरुवार को मची भगदड़ में कम से कम 717 लोगों की मौत हुई थी और क़रीब 863 लोग घायल हो गए थे.

ग्रैंड मुफ्ती ने सऊदी अरब के गृह मंत्री क्राउन प्रिंस मोहम्मद-बिन-नएफ़ से कहा है कि इसमें किसी का कोई कसूर नहीं है, क्योंकि 'नियति और भाग्य पर किसी का अख्तियार नहीं.'

सऊदी अरब की आलोचना

हज के दौरान हुई भगदड़ में मौत को लेकर कई देशों ने, सऊदी अरब सरकार की कड़ी आलोचना की है.

सऊदी अरब के किंग सलमान की ओर से हज यात्रियों की सुरक्षा की समीक्षा के आदेश दे दिए गए हैं.

ईरान में कल से तीन दिन का राष्ट्रीय शोक चल रहा है.

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भगदड़ में ईरान के 131, भारत के 14, मिस्र के आठ, पाकिस्तान के छह, नाइजीरिया के तीन और तुर्की के चार हज यात्रियों की मौत हो गई थी.

हज में पिछले 25 साल में ये सबसे बड़ा हादसा है.

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