सबसे बड़ा लोकतंत्र बने स्थाई सदस्य: मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शामिल किया जाना चाहिए.

मोदी शनिवार को न्यूयॉर्क में जी-4 देशों के विशेष सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, दुनिया की सबसे बड़ी ऑटो अर्थव्यवस्था, सभी महाद्वीपों की प्रमुख आवाज़ों को सुरक्षा परिषद में जगह मिलनी चाहिए.

जी-4 देशों में भारत के अलावा जापान, जर्मनी और ब्राज़ील शामिल हैं जो सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं.

अभी सुरक्षा परिषद में पाँच देश अमरीका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस स्थाई सदस्य हैं, जिनके पास वीटो का अधिकार है.

'निश्चित समय पर हों सुधार'

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मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से हम बुनियादी रूप से अलग दुनिया में रह रहे हैं.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों को निश्चित समय में पूरा करने की वकालत की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन के मौजूदा सत्र में इस प्रस्ताव को पास किया जाना चाहिए.

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मोदी ने कहा कि दुनिया के सामने आज आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं. इसी तरह साइबर और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र देशों के सामने नए मौकों के साथ चुनौती भी हैं.

इससे पहले मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था. उन्होंने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ सुरक्षा परिषद में भी समयबद्ध सुधार कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए, जिससे इस संगठन को अधिक विश्वसनीयता और वैधता मिले.

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