'कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रहा यूएन'

इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और कहा कि इसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 70वें अधिवेशन में भाषण देते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कश्मीर मुद्दे को न सुलझा पाने को संयुक्त राष्ट्र की नाकामी बताया है.

उनका कहना था कि सुरक्षा परिषद के कई प्रस्ताव इस सिलसिले में लागू नहीं हुए हैं.

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में लड़ाई के बजाए सहयोग होना चाहिए.

नवाज़ शरीफ़ ने भारत पर सीमा रेखा पर संघर्ष-विराम का उल्ल्घंन करने का आरोप भी लगाया.

इमेज कॉपीरइट Getty

नवाज़ शरीफ़ ने भाषण में कहा, ''आज सीमा रेखा पर संघर्ष-विराम का उल्लंघन बढ़ता जा रहा है जिससे नागरिकों की मौत हो रही हैं.''

भारत का नाम लिए बगैर नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि ''अक्लमंदी यह होगी कि हमारा पड़ोसी पाकिस्तान के अंदर गड़बड़ी फैलाने की कोशिश न करे.''

शांति समझौता

इमेज कॉपीरइट AFP

शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति समझौते को बढ़ावा देना चाहता है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच स्थित सीमा रेखा पर संघर्ष-विराम का उल्ल्घंन रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र के दल द्वारा निगरानी किए जाने का सुझाव भी दिया.

नवाज़ शरीफ़ ने भारत के साथ शांति कायम करने के मकसद से कुछ अन्य सुझाव भी दिए. उनका कहना था, ''सीमा पर 2003 में तय किए गए संघर्ष-विराम पर भारत और पाकिस्तान दोनों अमल करें, दोनों देश किसी भी सूरत में एक दूसरे पर हमला न करने का संकल्प लें, भारत प्रशासित कश्मीर से सेना को हटाया जाए और सियाचीन की चोटी से दोनों पीछे हटने पर राज़ी हो जाएं."

नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि बातचीत के ज़रिए शांति हासिल की जा सकती है.

संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की मांग करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि सुधार होना तो ज़रूरी है लेकिन ये ख्याल रखना चाहिए कि सुरक्षा परिषद शक्तिशाली देशों का क्लब भर बन कर न रह जाए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार