इस मर्सिडीज़ एसयूवी का जलवा 35 साल से क़ायम

इमेज कॉपीरइट daimler

पहले यह कार जी-वैगन के तौर पर मशहूर थी लेकिन अब इसे मर्सिडीज़ जी क्लास के नाम से जाना जाता है. ये कोई नई कार नहीं है, बल्कि अब तो यह 35 साल पुरानी हो चुकी है.

यह लैंड रोवर डिफेंडर की टक्कर में जर्मनी का करारा जवाब था. इस एसयूवी के आज भी कुछ सौ मॉडल हर साल बिकते हैं.

बहरहाल कार के 35 साल पूरा होने पर इसका स्पेशल वर्जन तैयार किया गया है जी63 एएमजी 463. क्या ख़ास है इस स्पेशल वर्जन में?

ख़ासियतें

इसके नाम में 463 देखकर कई लोग ये अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इसकी क्षमता शायद 463 हॉर्स पावर की हो लेकिन ऐसा नहीं है. इसका इस्तेमाल इंटरनल कोड भर के लिए किया गया है.

जी63 की ये गाड़ी 5.5 लीटर की है, जिसमें ट्विन टर्बो वी8 सिलिंडर का इस्तेमाल किया गया है. इसकी क्षमता 563 बीएचपी की है.

वैसे 2016 जी63 मॉडल में स्टैंडर्ड डीज़ल गाड़ियों की क़ीमत क़रीब 88 हज़ार पाउंड यानी 88 लाख रुपए है. वहीं अब जी63 की गाड़ियों की क़ीमत 1.31 लाख पाउंड है, जबकि 463 वाले मॉडल की क़ीमत क़रीब 1.5 लाख पाउंड हो गई है.

ऐसे में, आपके मन में ये सवाल उठ सकता है कि ज़्यादा क़ीमत होने का क्या फ़ायदा मिलेगा?

आपको नई गाड़ी में शानदार धारियां मिलेंगी, जो सी63 507 में मौजूद नहीं थीं. स्टेनलेस स्टील अंडर आर्मर और 21 इंच का चक्का.

इस शानदार वाहन के अंदर डिज़ाइनर लेदर सीट्स हैं. इन्हें आप किसी भी तरह से एडजेस्ट कर सकते हैं. लेदर का एकसमान डिजाइन वाला डैश बोर्ड भी मौजूद है. इसके अलावा इंटीरियर में कार्बन फ़ाइबर का इस्तेमाल भी किया गया है.

'कूल'

वैसे इस कार को चलाने का अनुभव आपको पृथ्वी पर दूसरा नहीं मिलेगा. अगर आप इसकी तुलना लैंड रोवर डिफेंडर से कर रहे हैं तो यह बेतुकी बात है.

कार उसी अंदाज़ में चलती है, जिसकी आप कल्पना कर रहे हैं, लेकिन लैंड रोवर से बेहतर नहीं चलती.

इसे ख़ास तौर पर रेगिस्तानी इलाकों, पर्वतीय चढ़ाई और ढलान के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस लिहाज़ से देखें तो 463 वी8 एक शानदार कार है. हालांकि एयरोडायनामिक्स के नज़रिए से अच्छी नहीं है और इसकी अधिकतम स्पीड 130 मील प्रति घंटा ही है.

इसका सस्पेंशन और ईएसपी सब हाथ से आप संचालित कर सकते हैं. वैसे ये एसयूवी एक तरह से पुराने जमाने के टैंक जैसी नजर आती है और इसकी जो क्षमता है उससे चार गुना ज़्यादा इससे उम्मीद की जाती है. इसके बाद भी लोग सालों साल से इस एसयूवी को पसंद कर रहे हैं.

इसे दुनिया की सबसे बेहतरीन व्यक्तिगत कारों में गिना जाता है, इसीलिए इसे 'कूल' भी माना जाता है.

इस एसयूवी में अगर सही टायर लगे हों तो सड़क पर तमाम आधुनिक एसयूवी के मुक़ाबले यह आज भी बेहतर साबित होगी. यही वजह है कि 35 साल बीतने के बाद भी इस कार का जलवा कायम है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें जो बीबीसी ऑटोस पर उपलब्ध है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार