अचानक नौकरी जाने का झटका कैसा होता है?

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अगर आपकी नौकरी पर अचानक ख़तरे के बादल मंडराने लगें तो आप के मनोस्थिति क्या होगी?

जब तक ऐसी स्थिति से वास्ता न पड़े तब तक इंसान इस बारे में सोचना भी नहीं चाहता है.

वैसे फ्रांस में ऐसी स्थिति में लोग ख़ासे भड़क जाते हैं. एयर फ्रांस ने पिछले दिनों ही 2900 नौकरियों की कटौती का फैसला लिया लेकिन जब इस सप्ताह की शुरुआत में दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया तो स्थिति बिगड़ गई.

सैकड़ों नाराज़ कर्मचारियों ने कंपनी के हेडक्वार्टर्स की बैठक में हंगामा कर दिया. मानव संसाधन मैनेजर जेवियर ब्रोसेटा और वरिष्ठ अधिकारी पियर पिल्सोनेयर को भीड़ से बचने के लिए दीवार फांदकर भागना पड़ा.

ये कुच एक्सट्रीम उदाहरण हो सकता है लेकिन ऐसी स्थिति में इस तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलती हैं. बीबीसी के शो टॉप गियर के जेरमी क्लार्कसन की जब नौकरी गई तो उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में बड़ा खालीपन आ गया.

विश्वास ही नहीं होता

ऐसे में बीबीसी कैपिटल ने सवाल-जवाब की साइट क्योरा इस्तेमाल करने वाले लोगों से नौकरी जाने की सूरत में उनके अनुभव पूछे.

मार्क लाँग ने लिखा है, "मुझे लगा कि मैं किसी और ही दुनिया में पहुँच गया हूँ. जैसे वास्तविकता से एकदम कट गया हूँ, विश्वास ही नहीं हुआ."

एक समय उनकी कंपनी उन्हें टॉप पोज़िशन (सीईओ) के लिए इंटरव्यू कर रही थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

लाँग कहते हैं, "कुछ ही दिनों बाद फोन आया और कहा गया कि उन्होंने फ़ैसला लिया है कि मैं उनकी कंपनी के लिए फ़िट नहीं हूँ. साथ ही ये भी कहा कि आपको 15 मिनट के अंदर ही कंपनी छोड़नी होगी. ऐसा ही हुआ था."

लाँग कहते हैं, "मुझे काफी पीड़ा हुई, क्रोध आया, दुख भी हुआ, अफ़सोस भी हुआ, फिर मैंने इस्तीफ़ा भेज दिया. कुछ समय लगा स्थिति को स्वीकार करने में, फिर कुछ देर बाद नई नौकरी मिल गई, हालांकि मुझे अपना आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने में समय लगा."

कॉरपोरेट सिस्टम का तरीका

आजकल की कामकाजी दुनिया में कॉरपोरेट मैनेजमेंट तो तत्काल हरकत में आ जाता है. इवा लिन्न ने लिखा है कि एक दिन वे अपने दफ्तर की नियमित साप्ताहिक बैठक में शामिल थीं और एक प्रिज़ेंटेशन दे रही थीं, तभी उनके ऑफ़िस ईमेल पर मैसेज पॉप हुआ कि कंपनी के इंटरनल सिस्टम में उनका एकाउंट सफलतापूर्वक डिएक्टिवेट हो चुका है.

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इवा लिन्न को लगा कि ये कोई तकनीकी गड़बड़ी होगी और उन्होंने अपना ध्यान बैठक पर केंद्रित किया. लेकिन बैठक के बीच में एक दूसरा अलर्ट आ गया. इसके बाद एक और अलर्ट आया. इसके बाद सिस्टम की ओर से कई संदेशे आए.

इवा ने कहा, "मेरी कंपनी का ईमेल बंद हो गया लेकिन मैं अपने निजी मेल को देख पा रही थी. इनबॉक्स में एचआर विभाग का भेजा हुआ ईमेल सबसे ऊपर पड़ा था. उस मेल में लिखा हुआ था कि कंपनी के साथ मेरा करार खत्म हो चुका था."

इवा बताती हैं, "यह मेरे लिए एक ख़बर जैसा ही था. और मैं आख़िरी इंसान थी जिसे ये जानकारी मिल रही थी कि मैं कंपनी में आगे काम नहीं करूँगी."

उबरने में लगता है समय

कई लोगों के लिए तो ये सूचना भर होती है, लेकिन कई अन्य को इससे उबरने में समय लगता है.

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सुमन सरकार प्रॉडक्ट मैनेजमैंट विभाग में काम करते हैं. वो बताते हैं कि उन्हें ये उस वक्त ही मालूम हो गया था, जब वे अपने मैनेजर के साथ कमरे में दाखिल हुए थे कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है.

उन्होंने लिखा है, "महज 120 सैकेंड के भीतर ही मैं भावशून्य उनके कमरे से बाहर निकला. मुझे अपने घर जाना था, अपनी पत्नी से मिलने, जो हमारे पहले बच्चे को जन्म देने वाली थीं. मैं अंदर से रो रहा था. लेकिन अपने घर पर किसी को इसके बारे में ख़बर नहीं दे सकता था."

सुमन सरकार बताते हैं, "परिवार और दोस्त मेरी पत्नी के गर्भवती होने को लेकर उत्साहित थे. ऐसे में मैं उन्हें अपनी नौकरी जाने की बात नहीं बता सकता था."

इसके बाद सुमन ने कहा, "प्रत्येक सुबह मैं अपने ऑफिस जाने का नाटक करता, ये कई सप्ताह तक चलता रहा, जब तक मुझे नई नौकरी नहीं मिल गई. संयोग ऐसा देखिए कि ये उसी दिन हुआ जिस दिन मेरे पहले बच्चे का जन्म हुआ."

दस साल हो गए इस बात को लेकिन इसके बाद सुमन की जिंदगी में काफी अच्छी घटनाएँ हुईं और आज उन्हें अपने करियर पर गर्व महसूस होता है. वे कहते हैं, "स्टीव जॉब्स कहते थे, आप पीछे मुड़कर देखते हैं तो चीज़ों को जोड़ते हुए, पिरोते हुए देखते हैं और सब समझ में आने लगता है."

ये भी हक़ीकत है

कुछ पेशेवरों के लिए यह बड़ी बात नहीं होती. पूर्व इंवेस्टमेंट बैंकर जोसेफ वांग लिखते हैं, "हाँ, इससे आपकी रूटीन बिगड़ती है लेकिन यह तो कारोबारी दुनिया की एक हकीकत है और इसलिए मैं ऐसी किसी भी मीटिंग में अच्छे मूड में ही बाहर निकलता हूँ."

वांग बताते हैं कि जब भी उन्हें नौकरी से निकाला गया या इस्तीफ़ा देने को कहा गया तो यह नौकरी से निकालने वाले लोगों के लिए ज़्यादा दर्दनाक अनुभव रहा.

उन्होंने लिखा है, "मैं काफी व्यस्त आदमी हूं. अगर मुझे एक कंपनी से वेतन नहीं मिलेगा, तो मेरा नया काम होता है कि दूसरी किसी कंपनी से अपना वेतन सुनिश्चित करूँ."

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)

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