सीरिया संकट: रूस की अमरीका को चेतावनी

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अमरीका के सीरिया में विशेष सैन्यबल भेजने की योजना पर रूस ने चेतावनी दी है कि इससे मध्य पूर्व में "छद्म युद्ध" का ख़तरा बढ़ सकता है.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि इससे अमरीका और रूस के बीच सहयोग की ज़रूरत बढ़ी है.

वहीं, अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि सेना की ''50 से भी कम टुकड़ियां'' इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संघर्ष करने के लिए विपक्षी ताक़तों को 'प्रशिक्षण, सलाह और मदद' देंगी.

ऐसा पहली बार होगा जब अमरीकी सेना खुले तौर पर सीरिया में काम करेगी.

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लावरोव ने कहा कि अमरीका ने एकतरफ़ा तरीक़े से यह क़दम उठाने का फ़ैसला किया है और इस संबंध में सीरियाई नेतृत्व से भी कोई मशविरा नहीं लिया गया है.

उन्होंने कहा, "मैं इस बात से आश्वस्त हूं कि न तो अमरीका और न ही रूस किसी छद्म युद्ध में पड़ना चाहेंगे. लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि हालात को देखते हुए सेनाओं के बीच सहयोग का काम ज़्यादा प्रासंगिक हो गया है."

लावरोव ने अमरीका के विदेश मंत्री और सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के दूत के साथ वियना में हुई बातचीत के बाद यह बात कही.

अमरीका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि उनकी सेना की भूमिका स्थानीय सैन्य बलों को सक्षम बनाने की होगी. हालांकि उन्होंने इस क्षेत्र में विशेष बल की तैनाती से इनकार नहीं किया.

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एक साल से अधिक वक़्त तक अमरीका के नेतृत्व वाला गठबंधन आईएस के ख़िलाफ़ हवाई हमले करता रहा है जिसने उत्तरी सीरिया और पड़ोसी इराक के कुछ हिस्सों पर क़ब्ज़ा कर रखा है.

अमरीका ने हाल ही में सीरिया के लड़ाकों को प्रशिक्षण के बजाय सीधे उपकरण और हथियार उपलब्ध कराने का फ़ैसला किया था. रूस भी सीरिया में विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है.

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