चरमपंथियों की चैरिटी को मीडिया कवरेज नहीं

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पाकिस्तान की मीडिया नियामक एजेंसी ने प्रसारकों पर प्रतिबंधित चरमपंथी गुटों की गतिविधियां दिखाने पर रोक लगा दी है.

इस में उन संगठनों को भी शामिल किया गया है जो पिछले आए भूकंप की पीड़ितों को सहयता के काम में जुटे हैं.

जमात उद दावा जैसे संगठन आपदा के समय राहत के कामों में मदद करते हैं.

जमात उद दावा का नाम अमरीका और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया है.

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पत्रकारों का कहना है कि स्थानीय संगठन मदद के कामों में जुटे हैं.

पाकिस्तान सरकार उन अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के खिलाफ़ काम कर रही है जिन पर उसे भरोसा नहीं है.

जमात उद दावा का संबंध लश्कर ए तैयबा से है. लश्कर ए तैयबा पर मुंबई हमलों को अंजाम देने का आरोप है

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सात साल पहले हुए इस हमले में 10 चरमपंथियों ने डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी.

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