पेरिस वालों ने खोले दिल के दरवाज़े

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पेरिस में हुए हमलों के बाद से कई लोग शहर में फँसे हुए हैं .ऐसे लोगों की मदद के लिए ट्विटर पर #PorteOuverte नाम से हैशटैग चलाया जा रहा है ताकि फँसे हुए लोग रहने के लिए मदद माँग सके. हमलों में 120 लोग मारे जा चुके हैं.

ट्विटर पर लगातार ये हैशटैग ट्रेंड कर रहा है और इसके लिए पेरिसवासियों की तारीफ़ भी हो रही है.

फ़्रेंच भाषा में Porte Ouverte का मतलब है दरवाज़े खोलना. मदद माँगने वाले को ट्विटर पर #PorteOuverte ढूँढना है और उस यूज़र को संदेश भेजकर उसका पता पूछना है.

पेरिसवासी इस हैशटैग के ज़रिए संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए पेशकश कर रहे हैं.

ज़िनिमोबाइल के सह सीईओ और सह संस्थापक आरनोद डुप्सिस (@ArnaudDupuis) ने ट्विटर पर लिखा है, '' शॉटले के पास असहाय लोगों के लिए मेरा कमरा है. अगर आपको ज़रूरत हो तो मुझसे कहिए.''

हैशटैग#PorteOuverte का उपयोग करते हुए रोहन सिंह ने व्यक्ति ने लिखा है, "अगर कोई व्यक्ति पेरिस में असहाय हो और उसे किसी सुरक्षित जगह में शरण लेने की ज़रूरत हो तो किसी भी सिख गुरुद्वारे को उसे अपने यहां रखकर खुशी होगी."

पाकिस्तान के स्वात की निवासी और अभी ब्रिटेन के मैनचेस्टर में रह रहीं नज़राना यूसुफज़ई (@NazranaYusufzai) ने ट्वीट किया, "अविश्वास और आतंक के इस कठिन समय में #porteouverte ने बहुत आशा दी है और मानवता में विश्वास जगाया है."

लोग #porteouverte को टैग कर दूसरे लोगों को बता रहे हैं कि अगर उन्हें शरण की जरूरत हो तो इस हैशटैग का इस्तेमाल कर ट्वीट करें.

वहीं @chelsea_elisa ने लिखा है कि #porteouverte ने साबित कर दिया है कि चरमपंथी जीत नहीं सकते हैं. तमाम बुराइयों और कठिन समय के बावजूद लोगों ने अपने घरों के दरवाजे स्वेच्छा से अनजान लोगों के लिए खोल दिए हैं.

@tbhflorence ने ट्विटर पर लिखा कि टैक्सी वाले मुफ्त में यात्रा कराने का प्रस्ताव दे रहे हैं और अगर आप सोना चाहते हैं तो लोगों के दरवाजे खुले हैं. मेट्रो सेवाएं बंद हैं.

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हैशटैग #porteOuverte का इस्तेमाल करते हुए शहाना (@shannalynnSF) लिखती हैं, '' रिपब्लिक में मेरा एक सुरक्षित घर है. अगर आप को सुरक्षित स्थान की जरूरत हो तो आप सीधे आ सकते हैं. मैं अग्रेजी बोलती हूं.''

हैरी ली फ़ीवर (harrylefeuvre) ने पेरिसवासियों के इस क़दम की सराहना करते हुए लिखा है, '' मुफ्त में टैक्सी की कहानियां, यह बताती हैं कि इस कठिन समय में भी मानवता मदद करने और प्यार के रूप में सामने आई है.''

क्रिस सिवाक (@ChrisCwiak) ने भी लोगों की मदद की पेशकश की है, '' मैं अपने घर में तीन लोगों को आराम से रख सकता हूँ और मेरे पास कुछ अच्छी वाइन भी है.''

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पेरिसवासियों के इस पहल की अमरीका के ट्रिनीटी विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले सिमरन जीत सिंह (@SikhProf ) ने जमकर तारीफ की है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, '' हमलों की वजह से शरण चाहने वाले लोगों के लिए पेरिसवासियों ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं. वो हैशटैग #PorteOuverte का प्रयोग कर रहे हैं.''

वहीं कुछ टैक्सी वाले फ्री टैक्सी की पेशकश भी कर रहे हैं.

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