'बाल यौन शोषण के हज़ारों केस रिपोर्ट नहीं होते'

इंग्लैंड में हुए एक अध्ययन के अनुसार यौन उत्पीड़न के शिकार हुए आठ में से केवल एक बच्चे की जानकारी अधिकारियों को मिल पाती है.

पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने अप्रैल 2012 से अप्रैल 2014 के बीच दो साल में 50 हज़ार उत्पीड़न के मामले दर्ज़ किए हैं.

लेकिन बाल आयुक्त की रिपोर्ट के मुताबिक़ सही आंकड़ा चार लाख पचास हज़ार तक है, जिसमें 85 फ़ीसदी मामले रिपोर्ट ही नहीं हुए हैं. इसमें ख़ासकर परिवार के अंदर के मामले शामिल हैं.

इस रिपोर्ट में पाया गया है कि बच्चों के यौन शोषण के दो-तिहाई मामले परिवार के अंदर होते हैं या इनमें परिवार का ही कोई क़रीबी दोषी होता है. इनमें से 75 फ़ीसदी मामलों में लड़कियों पर अत्याचार हुआ और ज़्यादातर शोषण नौ साल के आसपास की उम्र के बच्चों के साथ हुआ.

बाल आयुक्त एनी लोंग्फ़ील्ड का कहना है, "हमें अब जगना होगा और बच्चों के यौन शोषण के सबसे आम तरीके पर ध्यान देना होगा, जिसमें उनके घर के भीतर या कोई भरोसेमंद व्यक्ति ही यौन शोषण का दोषी होता है."

सरकार का कहना है कि उसने पुलिस, स्कूल और सामाजिक सेवाओं के काम के तरीके को बदलने के लिए एक टास्कफ़ोर्स का गठन किया है.

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