पायलट ने कहा 'कोई चेतावनी नहीं दी थी'

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मंगलवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों द्वारा गिराए गए रूसी विमान के पायलट ने कहा है कि फ़ायरिंग से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी.

कैप्टन कॉन्स्टेन्टिन मुराख़्तिन ने कहा है कि रूसी विमान सीरिया के वायु क्षेत्र में था और तुर्की की वायुसीमा में घुसने की संभावना नहीं लगती.

कैप्टन मुराख़्तिन को बचा लिया गया है लेकिन दूसरे पायलट की हत्या कर दी गई है.

विमान गिराए जाने को लेकर तुर्की और रूस के बीच तनाव बना हुआ है. रूस में तुर्की के ख़िलाफ़ कड़ी प्रतिक्रिया हुई है.

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तुर्की पर योजनाबद्ध तरह से उकसाने का आरोप लगाया है.

तुर्की ने दावा किया है कि रूसी विमान उसकी वायुसीमा में घुस आया था इसलिए विमान को गिराया गया.

रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में जिस तरह से वीडियो फुटेज दिख रहा है और अन्य चीज़ों से संकेत मिलता है कि ये योजनाबद्ध था.

इस बीच रूस के एक सांसद व्याचेस्लाव निकोनोव ने बीबीसी से कहा कि अगर तुर्की दोनों देशों के बीच संबंध सुधारना चाहता है तो उसे विमान गिराने के लिए माफ़ी मांगनी होगी.

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वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तुर्की की सरकार पर समाज के इस्लामीकरण का आरोप लगाया है.

रूस ने अपने नागरिकों को तुर्की की यात्रा करने को लेकर चेतावनी जारी की है.

इस बारे में एक पत्रकार के सवाल पर पुतिन ने कहा," समस्या विमान गिराने की नहीं है बल्कि काफ़ी गहरी है. सिर्फ़ हम नहीं पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले कई सालों में तुर्की का नेतृत्व देश में इस्लामीकरण की नीति अपना रहा है."

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वहीं तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु ने कहा कि रूस से रिश्ते को नुक़सान पहुंचाने का तुर्की का कोई इरादा नहीं है और बातचीत के रास्ते खुले हैं.

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वहीं रूस की राजधानी मॉस्को में तुर्की के दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दूतावास पर पत्थर, अंडे और पेंट फेंके.

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