अब पिस्टोरियस हत्या के दोषी

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दक्षिण अफ़्रीका की सर्वोच्च अदालत ने ओलंपिक खिलाड़ी ऑस्कर पिस्टोरियस पर सुनाए गए ग़ैर इरादतन हत्या के फ़ैसले को पलटकर हत्या में तब्दील कर दिया है.

पिस्टोरियस ने फ़रवरी 2013 में शौचालय के बंद दरवाज़े के पीछे चार गोलियां मारकर अपनी गर्लफ्रेंड रीवा स्टीनकैंप की हत्या कर दी थी.

उन्हें पांच साल की सज़ा दी गई थी. एक साल की सज़ा काटकर फ़िलहाल वे नज़रबंद हैं.

पिस्टोरियस को फिर से अदालत में समर्पण करना होगा जहां उन्हें हत्या की सज़ा सुनाई जाएगी.

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दक्षिण अफ़्रीका की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने डोलस इवेंचुअलिस यानी किसी काम को करने से नतीजे की संभावना के क़ानून ठीक से लागू नहीं किया- पिस्टोरियस जानते थे कि उनके बंदूक़ चलाने का क्या होगा.

हत्या के लिए कम से कम सज़ा 15 साल है, लेकिन सज़ा की अवधि जजों पर भी निर्भर करती है.

पिस्टोरियस ने हमेशा अदालत में कहा कि उन्होंने सोचा था कि घर में कोई घुसा है इसलिए उन्होंने गोली चलाई. मगर जज ने कहा कि दरवाज़े के पीछे जिस शख्स पर उन्होंने गोली चलाई, उसकी शिनाख्त इतनी अहम नहीं है.

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जज लीच ने कहा कि यह तो लगभग एक सार्वजनिक जगह पर बम विस्फोट करके यह कहने जैसा है कि आपको पता नहीं था कि इसके पीड़ित कौन होंगे.

सुनवाई में स्टीनकैंप की मां मौजूद थीं लेकिन पिस्टोरियस मौजूद नहीं थे.

पिस्टोरियस संवैधानिक अदालत में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं लेकिन सिर्फ़ तभी जबकि उनका वकील यह दलील दे कि उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है.

विधि विशेषज्ञ मैनी विट्ज़ ने बीबीसी को बताया कि इस तरह की याचिका का कोई आधार नज़र नहीं आता.

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