अफ्रीका को 60 अरब डॉलर देगा चीन

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चीन ने अफ्रीकी महाद्वीप के विकास के लिए 60 अरब डॉलर की सहायता और क़र्ज़ देने की घोषणा की है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि इस पैकेज में शून्य ब्याज दर पर ऋण और हजारों अफ्रीकी लोगों को छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण देना शामिल है.

चीनी नेता ने जोहानेसबर्ग में अफ्रीका-चीन शिखर सम्मेलन में यह घोषणा की.

अफ्रीका के 35 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए शी ने कहा कि अफ्रीका में तेज़ी से हो रहे विकास को रोका नहीं जा सकता.

शिखर सम्मेलन की साझा तौर पर मेज़बानी कर रहे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने अफ्रीका और चीन के बीच गहराती भागीदारी का स्वागत किया.

उन्होंने कहा, "चीन अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया है. इसी तरह अफ्रीका चीन के लिए आयात के सबसे बड़े स्रोतों में एक और निवेश के लिए चौथा प्रमुख ठिकाना बन गया है."

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ये उम्मीद पहले से की जा रही थी कि अफ्रीका के विकास के लिए चीन सहायता देगा लेकिन जो राशि दी गई है वह उम्मीदों से अधिक है.

वैसे इस समझौते को लेकर अभी ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन संभावना है कि अतिरिक्त सहायता से अफ्रीका में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और आर्थिक विकास होगा.

राष्ट्रपति जुमा ने कहा कि चीन और अफ्रीकी महाद्वीप मिल कर दुनिया की एक तिहाई जनसंख्या बन जाते है, जो नए बाजार और उत्पादों के लिए एक नई संभावना लेकर आएंगे.

लेकिन अफ्रीका के सामने युवाओं की बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है और अफ्रीकी नेताओं पर दबाव है कि वे अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने वाली योजनाएं बनाएं.

चीन घरेलू स्तर पर आर्थिक गिरावट के दौर से गुज़र रहा है. इस वजह से अफ्रीका से होने वाले उसके आयात में भी गिरावट आई है. ये आयात अफ्रीका के लिए विदेशी मुद्रा आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.

आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, चीन यह संदेश देना चाहता है कि वह अफ्रीका के साथ दीर्घकालिक प्रतिबद्धता रखता है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ तीन साल के लिए हुए इस समझौते के तहत 10 क्षेत्रों पर काम किया जाएग जिसमें कृषि के आधुनिकीकरण, वित्तीय सेवाएं, हरित विकास और सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा.

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